'चांद पर चले गए, पर ट्रेन पर चढ़ना मुश्किल'

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इटली में एक छात्र ने विकलांगों के लिए सार्वजनिक परिवहन के बेहतर इस्तेमाल को लेकर ट्रैंड शुरू किया है. इसके लिए वह और कई अन्य लोग हैशटैग #VorreiPrendereilTreno यानी ‘मैं ट्रेन पकड़ना चाहूंगा’ इस्तेमाल कर रहे हैं.

देशभर में लोग ऐसे फ़ोटो शेयर कर रहे हैं जिन पर लिखा है- ‘मैं ट्रेन पकड़ना चाहूंगा’. इनमें विकलांगों के साथ साथ सामान्य लोग भी हैं.

फ़्लोरेंस के पास रहने वाले 22 साल के छात्र इयाकोपो मेलियो ने बीबीसी ट्रैंडिंग को बताया, "यह केवल मेरी लड़ाई नहीं है बल्कि हर किसी की है." मेलियो ने यह ट्रैंड दो हफ़्ते पहले ही शुरू किया, जब उन्होंने इटली की पूर्व शिक्षा मंत्री मारिया चियारा कारोज़ा का एक ट्वीट देखा.

इस ट्वीट में कारोज़ा ने उस सुबह चलने वाली उस ‘शानदार’ ट्रेन का ज़िक्र किया था जिसमें वह सवार थीं. उनके ट्वीट में हैशटैग ‘#मैं ट्रेन में चलती हूं’ भी जुड़ा था. मेलियो ने हैशटैग #VorreiPrendereilTreno यानी ‘मैं ट्रेन पकड़ना चाहूंगा’ शुरू किया. इसे अब तक क़रीब 5000 बार इस्तेमाल किया जा चुका है.

'बस की वजह से हूं कुँवारा'

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मेलियो ने नेताओं को संबोधित करके ब्लॉग लिखा. इसमें ख़ुद की तरह ऐसे लोगों के बारे में लिखा जो व्हीलचेयर पर हैं और उनके लिए बस पकड़ना कितना मुश्किल है और इस वजह से वो सामाजिक कार्यक्रमों में हिस्सा नहीं ले पाते और खुलकर नहीं जी पाते.

उन्होंने लिखा– ‘बस की वजह से मैं आज भी कुँवारा हूं. आप मेरी मदद करें’

मेलियो कहते हैं कि अगर उन्हें कहीं जाना हो तो उन्हें पूरे दिन स्टेशन पर कॉल करके पता लगाना होता है कि किस ट्रेन में वह चढ़ पाएंगे. कई विकलांगों ने ऐसी ही घटनाओं का ज़िक्र किया है.

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समर्थन करने वालों में एक ने ट्वीट किया है - "वह दुनिया जहां हम चांद पर क़दम रख सकते हैं पर आप ट्रेन में नहीं चढ़ सकते? हम इसके लिए लड़ेंगे.’’

मेलियो कहते हैं कि उन्होंने ऐसी प्रतिक्रिया की उम्मीद नहीं की थी लेकिन अब उन्होंने लोगों का ध्यान खींच लिया है तो वह इसके लिए दबाव बनाए रखना चाहते हैं.

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