हमास के ठिकानों पर फिर इसराइली हमले

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इसराइल की सेना ने ग़ज़ा पट्टी में फ़लस्तीनी गुट हमास पर हमले दोबारा शुरू कर दिए हैं और चरमपंथियों के बीच 20 निशानों पर हवाई हमले किए हैं.

उधर हमास ने इसराइल पर रॉकेट दागने जारी रखे हैं. इसराइल के प्रधानमंत्री बैंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि अगर इसराइल पर रॉकेट हमले नहीं रोके गए तो वह सैन्य कार्रवाई में तेज़ी लाएंगे.

ये हिंसा मिस्र की उन कोशिशों के बीच हो रही है जिनके तहत मिस्र ने दोनों पक्षों के बीच एक हफ़्ते से चल रही लड़ाई को ख़त्म कराने के लिए संघर्षविराम का प्रस्ताव रखा था.

इसराइली सेना का कहना है कि उसके ताज़ा हमले में वो ठिकाने बर्बाद हो गए हैं जहां से रॉकेट दागे जा रहे थे. साथ ही हथियारों की तस्करी के लिए इस्तेमाल हो रही सुरंगें भी बर्बाद कर दी गई हैं.

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हिंसा के मुद्दों पर बात हो: ब्लेयर

अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे टोनी ब्लेयर का कहना है कि हिंसा के लिए ज़िम्मेदार मु्द्दों पर बातचीत होनी चाहिए और शांति के लिए ज़मीन तैयार की जानी चाहिए.

इससे पहले इसराइली कैबिनेट ने मिस्र के प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी थी.

हालांकि, फ़लीस्तीनी चरमपंथी संगठन हमास के एक प्रवक्ता ने बीबीसी को बताया था कि उसे इस तरह का कोई प्रस्ताव नहीं मिला है.

ग़ज़ा पट्टी पर इसराइली हमलों में अब तक कम से कम 192 लोगमारे गए हैं, जबकि इसराइल का कहना है कि इस दौरान उसकी तरफ ग़ज़ा पट्टी से लगभग एक हज़ार रॉकेट दाग़े गए हैं.

इस संकट के कारण जहां हज़ारों फ़लस्तीनी ग़ज़ा पट्टी को छोड़ कर भाग रहे हैं, वहीं इसराइल ने सीमा के नज़दीक अपने हज़ारों सैनिकों को तैनात कर दिया है जिससे ग़ज़ा में ज़मीनी हमले की अटकलें लगाई जा रही हैं.

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