गज़ा में इसराइल की ज़मीनी कार्रवाई शुरू

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इसराइली सेना ने फ़लस्तीनी चरमपंथियों के ख़िलाफ़ गज़ा में ज़मीनी कार्रवाई शुरू कर दी है.

इसराइल डिफ़ेंस फ़ोर्सेज़ यानी आईडीएफ़ का कहना है कि वे दस दिन पुराने अपने 'ऑपरेशन प्रोटेक्टिव एज' का विस्तार कर रहे हैं.

उनका कहना है कि यह कार्रवाई चरमपंथियों के रॉकेट दागने और 'हमास को मज़बूत झटका' देने के लिए की जा रही है जो गज़ा पर नियंत्रण कायम किए हुए है.

गुरुवार को दोनों तरफ़ से पांच घंटे तक युद्धविराम रखा गया था लेकिन इसके ख़त्म होते ही दोनों तरफ़ से फ़ायरिंग शुरू हो गई.

'ऑपरेशन प्रोटेक्टिव एज' के दौरान अब तक क़रीब 230 फ़लस्तीनी और एक इसराइली मारे जा चुके हैं.

इसराइली सेना का कहना है कि इसका मक़सद ऐसे हालात पैदा करना है कि हमास के चरमपंथी ढांचे पर इतनी कड़ी चोट की जाए कि इसराइल के निवासी सुरक्षित रहकर जी सकें और उन्हें लगातार फैलाए जा रहे आतंक का सामना न करना पड़े.

सेना के प्रवक्ता जनरल मोती अल्मोज़ ने कहा, "मैंने गज़ा के निवासियों से उन इलाक़ों को खाली करने के लिए कहा है जहां इसराइली सेना कार्रवाई कर रही है. यह ऑपरेशन तब तक चलेगा जब तक ज़रूरी समझा जाएगा."

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हमास के एक प्रवक्ता ने रॉयटर्स समाचार एजेंसी को बताया कि ज़मीनी कार्रवाई ‘बेवकूफ़ाना’ है और इसके ‘ख़तरनाक परिणाम’ होंगे.

सुरंगों पर हमले

गज़ा में इसराइली विमानों, थल सेना और जहाज़ों के ज़रिए हमला किया जा रहा है.

गज़ा में बीबीसी संवाददाता योलैंड नेल ने कहा है कि ज़मीनी कार्रवाई की शुरुआत से पहले पत्रकारों को छिपने की चेतावनी दी गई है.

गज़ा में कुछ चश्मदीदों ने कहा है कि उत्तर पश्चिम गज़ा में सीमा पार से 10 टैंक अंदर आए हैं.

इसराइली मीडिया के मुताबिक़ ज़मीनी कार्रवाई का एक मक़सद चरमपंथियों के उन सुरंगों को तबाह करना है जिनके ज़रिए चरमपंथी इसराइल में घुसपैठ करते हैं.

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यरूशलम में बीबीसी संवाददाता केविन कॉनोली ने कहा है कि यह मुमकिन है कि इसराइल पहले ही अपनी सैन्य स्थिति मज़बूत करने की कोशिश में है और लगता है कि इस वक़्त कोई युद्धविराम मुश्किल ही है.

हालांकि मिस्र की राजधानी काहिरा में नए युद्धविराम की कोशिशें चल रही हैं. मिस्र इसराइल और हमास के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है.

इसराइल के मुताबिक़ उसने गज़ा पर 8 जुलाई के बाद 1960 हमले किए हैं जबकि चरमपंथियों ने इसराइल पर 1380 रॉकेट दागे हैं.

संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि गज़ा में 1370 घर तबाह हो चुके हैं और 18 हज़ार से ज़्यादा लोग बेघर हो गए हैं. संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक़ गज़ा में मारे गए ज़्यादातर लोग नागरिक हैं.

गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र ने दोनों पक्षों से युद्धविराम का अनुरोध किया था.

गज़ा में स्वास्थ्य मंत्रालय ने युद्धविराम के बाद इसराइली हमले में एक ही परिवार के तीन बच्चों के मारे जाने की ख़बर दी है.

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