'रूसियों की मदद की संभावना को नकार नहीं सकते'

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Image caption विमान हादसे की ख़बर के बाद कुआलालंपुर एयरपोर्ट पहुँचे यात्रियों के परिजन शोकाकुल हो गए.

अमरीका ने मलेशियाई विमान को गिराए जाने के मामले में कहा है कि वह पूर्वी यूक्रेन में अलगाववादियों को रूसी अधिकारियों से तकनीकी सहयोग मिलने की संभावना से इनकार नहीं कर सकता है.

संयुक्त राष्ट्र में अमरीकी दूत समांथा पॉवर ने ये विचार रखे हैं. इससे पहले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने मलेशियाई विमान मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष अंतरराष्ट्रीय जांच का आह्वान किया था.

यूक्रेन में चल रहे अंदरुनी संघर्ष में यूक्रेनी सेना का कहना है कि विमान को विद्रोहियों ने मार गिराया है वहीं विद्रोही ये आरोप यूक्रेनी सैनिकों पर लगा रहे हैं.

यूक्रेन के प्रधानमंत्री आर्सेनि यात्सेन्युक ने कहा है कि ये एक अंतरराष्ट्रीय अपराध है जिसके लिए ज़िम्मेदार लोगों के खिलाफ़ हेग में मामला चलना चाहिए.

उन्होंने आरोप लगाया कि रुस ने पूर्वी यूक्रेन में विद्रोहियों की मदद में हद ही कर दी है.

यूक्रेन के अधिकारियों का कहना है कि उनके पास इस बात के सबूत हैं कि विद्रोहियों ने विमान को मार गिराया है.

हालांकि इन सबूतों की स्वतंत्र रुप से पुष्टि नहीं हो सकी है.

उधर विद्रोहियों ने ऐसे किसी हमले में शामिल होने से इंकार किया है.

रुसी राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन ने कहा है कि इसके लिए यूक्रेन ज़िम्मेदार है क्योंकि यह घटना उनके इलाके़ में हुई है.

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अंतरराष्ट्रीय जांचकर्ता जाएंगे इलाके में

यूरोप में सुरक्षा और सहयोग संगठन (ओएससीई) के अनुसार विद्रोहियों ने वादा किया है कि घटनास्थल की सुरक्षा की जाएगी और वहाँ से शवों को निकालने की अनुमति भी देगा.

(रिपोर्टों के अनुसार इस विमान पर बक लांचर से मिसाइल दागा गया. देखिए बक लांचर की तस्वीर इस रिपोर्ट के अंत में.)

ओएससीई के प्रतिनिधियों, यूक्रेन और रूस के बीच हुई वीडियो कांफ़्रेंसिंग के बाद अलगाववादी इस हादसे की जांच में मदद को तैयार हुए. इसकी जानकारी ओएससीई ने एक बयान में दी है.

दूसरा बड़ा हादसा

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बयान के मुताबिक़ अलगाववादी अंतरराष्ट्रीय जांचकर्ताओं और ओएससीई को घटनास्थल पर पहुंच मुहैया कराएंगे और यूक्रेन के अधिकारियों के साथ सहयोग करेंगे.

मरने वालों में नीदरलैंड्स के मशहूर वैज्ञानिक जोप लांगे भी शामिल थे. वो ऑस्ट्रेलिया में होने अंतरराष्ट्रीय एड्स सम्मेलन में भाग लेने के लिए जा रहे थे.

मलेशिया एयरलाइन के साथ इस साल हुआ यह दूसरा बड़ा हादसा है. इससे पहले मार्च में कुआलालंपुर से चीन जा रही उसकी उड़ान एमएच370 गायब हो गया था. उसका अभी तक पता नहीं चला है.

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इससे पहले मलेशिया के प्रधानमंत्री नजीब रज़ाक ने कहा कि मलेशिया एयरलाइन विमान हादसा एक 'गहरा धक्का' है.

हादसे को मलेशिया के लिए एक 'दुखद साल' का 'दुखद दिन' बताते हुए रज़ाक ने कहा कि जाँच किसी भी सूरत में रुकनी नहीं चाहिए.

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लाइव: पढ़िए हादसे के बाद का ताज़ा घटनाक्रम

मलेशिया एयरलाइंस के मुताबिक़ इस बोइंग 777 विमान ने नीदरलैंड्स की राजधानी एम्सटर्डम के शिफ़ोल हवाई अड्डे से ग्रीनिच मानक समय (जीएमटी) के मुताबिक़ गुरुवार 17 जुलाई को सुबह सवा दस बजे उड़ान भरी थी. उसके चार घंटे बाद विमान का संपर्क टूट गया.

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इसे कुआलालंपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ग्रीनिच मानक समय के मुताबिक़ रात 10 बजकर 10 मिनट पर पहुँचना था.

देखिए दुर्घटना के बाद की पहली तस्वीरें

किसने निशाना बनाया?

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यूक्रेन के गृह मंत्री के एक सलाहकार एंटॉन हेराशचेंको ने आरोप लगाया है कि विमान को जिस मिसाइल ने निशाना बनाया वह बक लॉन्चर से छोड़ी गई थी.

यह लॉन्चर रूस में बनता है जो कि ज़मीन से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली का हिस्सा है.

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यूक्रेन का आरोप है कि रूसी सेना विद्रोहियों को आधुनिक मिसाइल मुहैया करा रही है.

मगर अलगाववादी नेता अलेक्ज़ेंडर बोरोडाइ ने यूक्रेन सरकार पर आरोप लगाया है कि उसने विमान को निशाना बनाया.

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उन्होंने रूस के सरकारी टीवी चैनल रोसिया 24 को बताया, "ये एक यात्री विमान था, जिसे यूक्रेन की वायु सेना ने मार गिराया."

कैसा विमान था ये?

दुर्घटनाग्रस्त हुआ विमान बोइंग 777-200ईआर विमान था. कुआलालम्पुर से बीजिंग जाते समय मार्च में जो एमएच 370 विमान लापता हो गया था ये विमान भी उसी मॉडल का था.

यूक्रेन जिस बक लॉन्चर की बात कर रहा है, देखिए उसके बारे में क्या है जानकारी.

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