ग़ज़ा संघर्ष में मौतों की संख्या 300 के पार

  • 19 जुलाई 2014
फ़लीस्तीनी विस्थापित Image copyright AFP

गज़ा की तरफ़ से इसराइल में घुसने की कोशिश कर रहे दो चरमपंथियों को रोकने की कोशिश में दो इसराइली सैनिकों की मौत हो गई है.

इसराइल की फ़ौज का कहना है कि बंदूक़ों और टैंक भेदी मिसाइलों से लैस कम से कम नौ चरमपंथी एक सुरंग के रास्ते इसराइल में प्रवेश करने की ताक में थे.

फ़ौज का कहना है कि एक इसराइली गश्ती दस्ते ने उनके हमले को नाकाम कर दिया. इस क्रम में एक चरमपंथी की मौत हो गई.

दूसरी ओर फलस्तीनी प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि शनिवार के दिन 30 से अधिक लोग मारे गए.

फ़लस्तीन की तरफ़ मारे गए लोगों की कुल तादाद 330 हो गई है.

फ़लस्तीनी चरमपंथियों ने हालांकि इसराइल पर राकेट हमले जारी रखे हैं. इस हमले में एक इसराइली नागरिक की मौत हो गई है.

टैंक और हेलीकॉप्टर

दूसरी तरफ़ इसराइली टैंकों और हेलीकॉप्टरों की मदद से ग़ज़ा पट्टी पर हमला जारी है.

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ग़ज़ा में राहतकर्मियों ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र के 34 राहत शिविरों में 40 हज़ार से ज़्यादा लोग मौजूद हैं.

इसराइल का कहना है कि उसके सैन्य अभियान का मकसद उन सुरंगों को तबाह करना है जिनमें हमास के चरमपंथियों ने रॉकेट जमा कर रखे हैं.

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इसराइली प्रधानमंत्री ने ज़मीनी फौजी कार्रवाई के विस्तार की बात कही है.

प्रधानमंत्री बिनयामिन नेतन्याहू ने कहा, "सुरंगों को सिर्फ़ हवाई तरीक़ों से नष्ट करना नामुमकिन है इसलिए हमारे सैनिक उनसे ज़मीन पर निपट रहे हैं. हमें पूरी कामयाबी की उम्मीद नहीं है लेकिन हम बेहतर नतीजों के लिए हर मुमकिन कोशिश करेंगे."

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उधर संयुक्त राष्ट्र में फ़लस्तीनी राजदूत रियाद मंसूर ने कहा है कि ग़ज़ा में इसराइल का हिंसक अभियान आत्मरक्षा नहीं बल्कि बदले के लिए की जा रही सैन्य चढ़ाई है.

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