संघर्ष विराम न होने के लिए 'हमास ज़िम्मेदार'

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ग़ज़ा में जारी संकट के बीच इसराइल ने कहा है कि संघर्ष विराम प्रस्तावों को न मानने के लिए हमास को ज़िम्मेदार ठहराया जाना चाहिए.

तेल अवीव में संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून के साथ साझा प्रेस कांफ्रेस में इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतान्याहू ने कहा कि अब दोनों ही पक्षों को लड़ाई छोड़, बातचीत का प्रयास करना चाहिए.

नेतान्याहू के मुताबिक हमास के लड़ाके एक ओर तो इसराइल पर रॉकेट दाग रहे हैं, तो दूसरी ओर फ़लस्तीनी लोगों का भी नुकसान कर रहे हैं.

बीते दो सप्ताह के संघर्ष में अब तक 600 फ़लीस्तीनियों और 29 इसराइलियों की मौत हो चुकी है.

संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक फ़लस्तीन में ज़्यादातर आम लोग इस संघर्ष के शिकार बने हैं, जिसमें कई बच्चे शामिल हैं.

कूटनीतिक प्रयास तेज़

ग़ज़ा पट्टी में इसराइल का सैन्य अभियान के बीच संघर्ष विराम के लिए कूटनीतिक प्रयासों में तेज़ी आई है.

इस सिलसिले में अमरीकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून से काहिरा में मुलाक़ात की है.

बान ने इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतान्याहू से भी बातचीत की है.

संयुक्त प्रेस कांफ़्रेंस में संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून ने संघर्ष के दौरान स्कूल, अस्पताल और अन्य नागरिक सुविधाओं को निशाना बनाने की आलोचना की है.

उन्होंने कहा कि कोई भी देश अपनी सीमा में रॉकेट हमले को बर्दाश्त नहीं करेगा.

शांति की अपील

इससे पहले बान से मुलाकात के बाद जॉन केरी ने कहा कि अमरीका फ़लस्तीनी लोगों की मौत पर चिंतित है. हालांकि केरी ने स्पष्ट किया कि इसराइल के 'उचित और वैध' अभियान का समर्थन जारी रहेगा.

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केरी ने ये बताया कि ग़ज़ा पट्टी में राहत कार्यों के लिए अमरीका 4.7 करोड़ डॉलर की सहायता दे रहा है.

अमरीका के वरिष्ठ राजनयिकों का दल काहिरा पहुंच चुका है और बुधवार तक मिस्र के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल से इनकी मुलाकात होने की उम्मीद है.

अमरीकी राजनयिकों का दल अरब लीग के मुखिया नाबिल अल अरबी से भी मिलेगा.

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