मीडिया की लत ने 'चुराई नींद'

  • 7 अगस्त 2014
मोबाइल का इस्तेमाल करती महिला इमेज कॉपीरइट Reuters

ब्रिटेन की मीडिया नियामक संस्था ऑफ़कॉम की रिपोर्ट के अनुसार ब्रिटेन में औसत वयस्क सोने से ज़्यादा समय मीडिया और संचार में बिता रहे हैं.

ऑफ़कॉम के मुताबिक़ लोगों की जीवनशैली में यह बदलाव स्मार्टफ़ोन और टैबलेट के कारण आया है.

इस रिपोर्ट की माने तो मीडिया और संचार के साधनों का इस्तेमाल करने में बच्चे बड़ों से कतई पीछे नहीं है.

ह्वेल के सपने और चमगादड़ की नींद

रिपोर्ट में इस बात का भी ज़िक्र है कि छह साल के बच्चे की मोबाइल फ़ोन और टैबलेट की समझ 45 साल के वयस्कों के बराबर है.

ऑफ़कॉम की रिपोर्ट कहती है कि 14-15 साल के बच्चे डिजिटल तकनीक को लेकर ज़्यादा आत्मविश्वास से भरे हैं.

इसके अनुसार इस आदत का असर बाकी आबादी पर भी पड़ सकता है और लोग फ़ोन और ईमेल से कन्नी काटकर टेक्सट मैसेज और इंस्टैंट मैसेजिंग को ज़्यादा महत्व दे सकते हैं.

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