सुन्नी जिहादियों के पीछे अमरीका का हाथ?

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क्या अमरीका ने ही इराक़ और सीरिया में सक्रिय चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) को खड़ा किया है? लेबनान में सोशल मीडिया और आम लोगों के बीच ये न केवल चर्चा बल्कि अफ़वाहों का भी विषय बना हुआ है.

बीबीसी संवाददाता सुज़ैन कियानपॉर ने की इस कथित साज़िश की जांच पड़ताल

लेबनान की राजधानी बेरूत में एक रेस्त्रां में खाने के दौरान लेबनान के एक पूर्व अधिकारी ने कहा, ''मध्यपूर्व में साज़िश की बातचीत करना हमारे ख़ून में है.''

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पिछले हफ़्ते आईएस ने लेबनान के एक गांव अरसाल में घुसकर वहां सैकड़ों लोगों को घर छोड़कर भागने पर मजबूर कर दिया.

इसी के बाद से लेबनान में ये बहस छिड़ गई है कि कहीं आईएस के पीछे अमरीका का हाथ तो नहीं!

इस कथित साज़िश की वकालत करने वाले लोग अमरीका की पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन की लिखी किताब का हवाला देते हैं.

'अफ़वाह'

वे लोग हिलेरी क्लिंटन की किताब के कुछ अंशों के स्क्रीनशॉट्स लेकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर रहे हैं. उनका कहना है कि अमरीका ने इस पूरे क्षेत्र में अस्थिरता फैलाने के लिए आईएस का गठन किया है जिससे की अमरीका को फ़ायदा हो.

ये अफ़वाह इस हद तक फैली है कि लेबनान के विदेश मंत्रालय ने लेबनान में मौजूद अमरीकी राजदूत डेविड हेल को अपने दफ़्तर बुलाया.

उसके बाद लेबनान में अमरीकी दूतावास ने औपचारिक तौर पर फ़ेसबुक पर एक बयान जारी किया.

बयान में लिखा था, ''लेबनान में चल रहे ऐसे सभी आरोप बेबुनियाद और झूठे हैं कि अमरीका ने कभी भी आईएस को एक आतंकवादी संगठन के अलावा किसी और रूप में मान्यता देने पर विचार किया था.''

हिलेरी क्लिंटन जो लिखा वो ये था कि सीरिया में विद्रोहियों की मदद करने में असफल रहने के कारण ही आईएस का उदय हुआ है.

अमरीकी छवि

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लेकिन अमरीका के चरमपंथी संगठनों की मदद करने के इतिहास को देखते हुए इस तरह की बात करना पूरी तरह से चौंकाने वाली नहीं है. अमरीका ने अफ़ग़ानिस्तान में मुजाहिदीनों की मदद की थी जिससे अल-क़ायदा का जन्म हुआ था. इसके अलावा अमरीका के सहयोगी खाड़ी देशों पर आईएस की मदद करने के आरोप हैं.

सीरिया और लेबनान में जैसे-जैसे हालात बदल रहे हैं, वैसे-वैसे लेबनान में अमरीका की छवि पर भी असर पड़ रहा है.

और फ़िलहाल ऐसा लग रहा है कि हिज़बुल्लाह-सीरिया-ईरान की तिकड़ी प्रचार की इस लड़ाई में जीत रही है.

हालाँकि जब गुरुवार को राष्ट्रपति ओबामा ने इराक़ में आईएस के ख़िलाफ़ हवाई हमलों की घोषणा की तो फ़ेसबुक पर अमरीका के समर्थन में भी पोस्ट नज़र आए.

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