इबोलाः प्रायोगिक दवा से मरीज़ की हालत सुधरी

  • 19 अगस्त 2014
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लाइबेरिया के एक मंत्री का कहना है कि इबोला संक्रमण से पीड़ित तीन डॉक्टरों ने एक सप्ताह पहले बिना परीक्षण वाली जिस दवा का इस्तेमाल किया था, उसके नतीजे सकारात्मक मिले हैं.

इस दवा का नाम ZMapp है, सबसे पहले इस दवा को दो अमरीकी राहत कर्मियों को दिया गया था. ये दोनों लाइबेरिया से इलाज कराने के लिए अपने देश लौटे थे.

इससे पहले, विश्व स्वास्थ्य संगठन के विशेषज्ञों की एक समिति ने फ़ैसला किया था कि इबोला वायरस से संक्रमित लोगों के इलाज के लिए एक्सपेरिमेंटल या प्रायोगिक दवाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है.

विशेषज्ञों का कहना था कि मौजूदा हालात में ऐसी दवाओं का प्रयोग करना नैतिक है जिनके असर और विपरीत प्रभाव का पहले से पता नहीं हैं.

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इस साल के शुरुआत से अब तक 1,229 लोग घातक इबोला वायरस से मारे जा चुके हैं.

अफ़्रीका के चार देश - लाइबेरिया, गिनी, सियरा लियोन और नाइजीरिया इस साल फ़रवरी से इसकी चपेट में हैं.

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