इबोलाः लाइबेरिया में एक डॉक्टर की मौत

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इबोला के लिए प्रयोग के तौर पर बनाई गई दवा लेने के बावजूद लाइबेरिया में एक डॉक्टर की मौत हो गई.

लाइबेरिया के सूचना मंत्री ने बताया कि अब्राहम बॉरबोर उन तीन डॉक्टरों में से एक थे जिन्हें ज़ेडमैप दवा दी जा रही थी और उनमें कुछ सुधार भी दिख रहा था.

दो अमरीकी डॉक्टरों समेत कई मरीजों को इस दवा से राहत मिलने की बात कही जाती रही है.

इस वर्ष इबोला से चार पश्चिमी अफ्रीकी देशों गिनी, लाइबेरिया, नाइजीरिया और सिएरा लियोन में 1,400 लोगों की मौत हो चुकी है.

समझा जाता है कि डॉक्टर बॉरबोर की मृत्यु राजधानी मोनरोविया में हुई. वह देश के सबसे बड़े अस्पताल में उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी थे.

इबोला पर काबू पाने के लिए हाल ही में लाइबेरिया ने मोनरोविया के कुछ हिस्सों को अलग-थलग कर निरोधक उपाय लागू किए हैं.

इस वर्ष इबोला से सबसे अधिक 570 मौतें लाइबेरिया में हुई हैं.

जापान दवा भेजने को तैयार

स्थिति इतनी तनावपूर्ण है कि गत गुरुवार को प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को गोली और आंसू गैस के गोले दागने पड़े.

उधर, ब्रिटेन में भी इबोला से संक्रमित एक स्वयंसेवी नर्स का इलाज चल रहा है.

विलियम पूली (29) रविवार को ही सिएरा लियोन से इंग्लैंड पहुंचे थे, उन्हें एक अलग वार्ड में रखा गया है.

इस बीच जापान ने कहा है कि वह इबोला के लिए तैयार प्रायोगिक एंटी-वायरल दवा की खेप भेजने को तैयार है.

टोकियो से बीबीसी संवाददाता रुपर्ट विंगफ़ील्ड-हेज़ के अनुसार, अभी तक स्पष्ट नहीं है कि टी-705 इबोला के ख़िलाफ़ कारगर हो पाएगी या नहीं. इस दवा का बंदरों या मनुष्यों पर पहले प्रयोग भी नहीं किया गया है.

इस दवा को जापान की एक कंपनी ने नए किस्म के इन्फ्लूएंजा के लिए तैयार किया है और इसी वर्ष जापानी सरकार ने इसकी अनुमति दी थी.

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