नवाज़ शरीफ़ 'हत्या के मामले में संदिग्ध'

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पाकिस्तान में पुलिस ने प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ को क़त्ल के मामले में संदिग्ध माना है. पुलिस ने जून में लाहौर के मॉडल टाउन में प्रदर्शनों के दौरान पुलिस फ़ायरिंग में मिनहाज उल क़ुरान के कार्यकर्ताओं की मौत के मामले में 21 लोगों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की है.

इनमें प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ और पंजाब के मुख्यमंत्री शाहबाज़ शरीफ़ का नाम भी शामिल है.

वैसे इस्लामाबाद में बीबीसी संवाददाता मोहम्मद इलियास ख़ान का कहना है कि इस एफ़आईआर का मतलब ये नहीं है कि शरीफ़ की गिरफ़्तारी होगी.

संवाददाताओं के अनुसार केस आगे बढ़ाने के लिए अधिकारियों के पास काफ़ी मज़बूत सबूत चाहिए होंगे.

पंजाब प्रांत की राजधानी लाहौर के फ़ैसल टाउन थाने में मॉडल टाउन हिंसा मामले में एफ़आईआर दर्ज की गई है.

इसी साल जून में मॉडल टाउन में मौलाना ताहिर उल क़ादरी के संगठन तहरीक मिनहाज उल क़ुरान के कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने फ़ायरिंग की थी. इसमें चौदह लोग मारे गए थे और दर्जनों घायल हुए थे.

मौलाना ताहिर उल क़ादरी का कहना है कि इस मुक़दमे में प्रधानमंत्री नवाज़़ शरीफ़ का नाम शामिल नहीं किया गया है और न ही 'आतंकवाद' की धाराएं शामिल की गई हैं.

हालांकि पूर्व क़ानून मंत्री राना सनाउल्ला ने टीवी चैनलों को बताया है कि एफ़आईआर में नवाज़ शरीफ़ का नाम शामिल है.

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दूसरी ओर मुस्लिम लीग (नवाज़) की इस्लामाबाद में हुई बैठक में केंद्रीय रेल मंत्री ख़्वाजा सय्यद रफ़ीक़ ने कहा कि उनकी पार्टी ने तय किया है कि वे एफ़आईआर के ख़िलाफ़ अपील नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि पार्टी क़ानून का सामना करेगी.

इससे पहले बुधवार को फ़ैसल टाउन थाने में मुस्लिम लीग (नवाज़) के कार्यकर्ताओं के पहुँचने से हालात तनावपूर्ण हो गए थे.

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लाहौर के सत्र न्यायालय ने कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़, मुख्यमंत्री शाहबाज़ शरीफ़ समेत 21 लोगों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज करने का आदेश दिया था.

लाहौर हाई कोर्ट ने भी इस फ़ैसले को बरक़रार रखा था.

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