ओबामा आईएस के ख़िलाफ़ कार्रवाई कर पाएंगे?

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अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि उन्हें ये अधिकार है कि वो इस्लामिक स्टेट से जैसे चाहें निपटें. हालांकि उनकी इस बात से सभी सहमत नहीं हैं.

ओबामा ने कहा कि वो आईएस को बर्बाद करके छोड़ेंगे, अब भले ही इराक़ में कार्रवाई करनी पड़े या सीरिया में.

ओबामा ने कहा कि इसके लिए अमरीकी सेना के इस्तेमाल का अधिकार उनके पास है और इसके लिए उन्हें कांग्रेस से मंज़ूरी लेने की ज़रूरत नहीं है.

बीबीसी संवाददाता तारा मैकेलेव की रिपोर्ट

2001 में जब अल क़ायदा ने अमरीका पर हमला किया, तो अमरीकी सांसदों ने सेना के इस्तेमाल के बारे में एक प्रस्ताव पारित किया था.

इसमें कहा गया- "अमरीकी राष्ट्रपति को अधिकार है कि वो उन देशों, संगठनों और लोगों के ख़िलाफ़ सैन्य बलों का इस्तेमाल कर सकता है जो आतंकवादी हमलों की योजना बनाते हैं, उनकी मंज़ूरी देते हैं, उन्हें अंजाम देते हैं या उसमें मदद करते हैं."

राष्ट्रपति बुश के भाषण लिख चुके मार्क थिएसन का कहना है कि इसका इस्तेमाल राष्ट्रपति ओबामा आईएस के ख़िलाफ कर सकते हैं.

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वो कहते हैं, "अगर इराक़ में आप दुश्मन से लड़ रहे हैं और वो भागकर सीरिया में चले जाते हैं, तो आपको अलग से मंज़ूरी लेने की ज़रूरत नहीं है."

ओबामा आईएस के ख़िलाफ़ कार्रवाई के लिए कांग्रेस से सीधे तौर पर मंज़ूरी मांग भी नहीं रहे हैं.

इसके बजाय वो कांग्रेस से सीरिया में इस्लामिक स्टेट से लड़ रहे विद्रोहियों के लिए 50 करोड़ डॉलर की मदद को मंजूरी देने को कह रहे हैं.

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ओबामा को विपक्षी रिपब्लिकन पार्टी के कुछ लोगों का समर्थन भी मिल रहा है. बहुत से अमरीकी सांसद आईएस की बर्रबरता वाले वीडियोज़ से हैरान हैं.

सर्वेक्षणों में भी इस्लामिक स्टेट के ख़िलाफ़ सेना के इस्तेमाल को ज़ोरदार समर्थन मिल रहा है.

विवादास्पद फ़ैसला

वहीं कुछ क़ानूनी जानकार ओबामा के इरादे पर सवाल उठा रहे हैं.

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न्यूयॉर्क के 'कारदोज़ो स्कूल ऑफ़ लॉ' की प्रोफ़ेसर दोबरा पीयरस्टाइन का कहना है कि इस्लामिक स्टेट अब अल क़ायदा का हिस्सा नहीं है. वो कहती हैं, "वो दुश्मन हैं. आईएस पर हमले का मतलब अल क़ायदा पर हमला नहीं है."

सीरिया में कार्रवाई के ओबामा के फ़ैसले को विवादास्पद माना जा रहा है.

बुश प्रशासन में रक्षा और विदेश विभाग में वरिष्ठ अधिकारी रहे मैथ्यू वैक्समैन का कहना है, "ये स्पष्ट तौर पर परिभाषित नहीं है और लगता है कि इसका फैसला कांग्रेस और राष्ट्रपति के बीच खींचतान से होना है."

अगर राष्ट्रपति ओबामा कार्रवाई का फ़ैसला करते हैं तो इसका उन्हें कोई ख़ास ख़मियाज़ा नहीं उठाना पड़ेगा.

ओबामा सही हों या ग़लत, लेकिन वो वर्तमान राष्ट्रपति हैं.

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