मोदी मज़बूत, व्यावहारिक, बुद्धिमान हैं: चीनी अख़बार

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चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग अपनी तीन दिवसीय भारत यात्रा की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृहराज्य गुजरात के अहमदाबाद से करेंगे.

माना जा रहा है कि दोनों नेता व्यापार, रक्षा सहयोग और सीमा विवाद पर चर्चा करेंगे. चीन भारत का एक बड़ा व्यापारिक साझीदार है. लेकिन दोनों देशों में सीमा निर्धारण को लेकर विवाद है.

चीन के अधिकतर अख़बार द्विपक्षीय संबंधों के अहम पहलुओं का विश्लेषण कर रहे हैं. उनका कहना है कि भारत-चीन के संबंध पर दुनिया की महत्वपूर्ण शक्तियों की नज़र है.

रणनीतिक महत्व

अख़बार 'ग्लोबल टाइम्स' जापान के साथ भारत के घनिष्ठ संबंध को नकारता लगता है. अख़बार लिखता है, ''चीन-भारत के दोस्ताना संबंध का भारत के लिए रणनीतिक महत्व है. इस संबंध को किसी दूसरे देश के साथ द्विपक्षीय संबंध हटा नहीं पाएंगे.''

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अख़बार कहता है कि चीन अल्पकालिक फ़ायदा नहीं चाहता है. भारत के साथ दोस्ताना संबंध बढ़ाने की उसकी दीर्घकालीक रणनीति है.

स्वतंत्र थिंक टैंक चारहर इंस्टीट्यूट के शोधकर्ता ज़ो मिंगाओ ने 'ग्लोबल टाइम्स' में लिखा है, ''चीन को भारत की स्वतंत्र विदेशी नीति की समझ होनी चाहिए. बड़े देश (अमरीका और जापान) भारत से घनिष्ठ संबंध बनाना चाहते हैं. उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उम्मीदें हैं, जो मज़बूत, व्यावहारिक और बुद्धिमान व्यक्ति हैं. कोई भी उस अवसर को छोड़ना नहीं चाहता है, जो महत्वाकांक्षी भारत उपलब्ध करा रहा है.''

वह कहते हैं, ''नए भारत के निर्माण के लिए मोदी की महत्वाकांक्षा और व्यावहारिक रवैया भारत-चीन को परस्पर सहयोग के लिए बड़ा अवसर उपलब्ध कराएगा.'' हालांकि वह चिंता जताते हुए कहते हैं कि सीमा विवाद और मोदी की राष्ट्रवादी सोच चीन पर नए तरह का दबाव डाल सकते हैं.

दोस्ताना संबंध

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एसोसिएशन फ़ॉर साउथ एशियन स्टडीज़ के प्रमुख शुन शिहाई ने बीजिंग न्यूज़ से कहा, ''शी की मोदी के गृहनगर की यात्रा से दोनों नेताओं के व्यक्तिगत संबंध और मज़बूत होंगे.''

वह कहते हैं, ''शी की मोदी के गृहनगर की यात्रा उनके जन्मदिन के समय हो रही है. इसे गहरे अर्थ के साथ की गई व्यवस्था के रूप में देखा जाना चाहिए.''

एक अलग लेख में अख़बार ने चीन की दक्षिण एशिया नीति का विश्लेषण करते हुए पाकिस्तान को चीन का अहम रणनीतिक सहयोगी बताया है. अख़बार का कहना है कि दोनों देश आर्थिक विकास और आतंकवाद विरोधी लड़ाई में निकट सहयोग कर रहे हैं. लेकिन अख़बार ने भारत के साथ नज़दीकी संबंधों की वकालत की है.

चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने शी की दक्षिण एशिया यात्रा को मुलायम रेशम बताया है.

उसने लिखा है, ''दक्षिण एशिया दौरे के अंतिम चरण में शी भारत जाएंगे. इस दौरान वह द्विपक्षीय संबंधों और सहयोग को मज़बूत करने के लिए बात करेंगे. चीन और भारत को शांति और सहिष्णुता के लिए और व्यावहारिक सहयोग बढ़ाना चाहिए, यह दोनों देशों की जनता के साथ-साथ दुनिया के लिए भी लाभकारी होगा.''

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