मंगलयान पर चीनियों ने भी की तारीफ़

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भारत के मंगलयान के सफलतापूर्वक मंगल ग्रह की कक्षा में स्थापित होने पर चीन की माइक्रोब्लॉगिंग वेबसाइट पर भी खूब टिप्पणियां आई हैं.

'साइना वीबो' पर बहुत से लोगों ने भारत की उपलब्धि की तारीफ़ करते हए चीन से इसकी तुलना की.

मिन शिहोंग ने लिखा, "भारत अब चीन से ज़्यादा आधुनिक है और उनके रॉकेट और भी आगे निकल गए हैं."

कलामाचांगदे ने लिखा, "अंततः भारत का अभियान मंगल पहुँच गया. कुछ महीने पहले तक ही चीन के विशेषज्ञों ने उनके प्रयासों को नकार दिया था. ये हमारी संकीर्ण मानसिकता को ही दर्शाता है."

एक अन्य यूज़र ने लिखा, "इसमें कोई शक़ नहीं है कि ये मोदी की उपलब्धि है."

पीछे रह गया चीन

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हेफ़ेई ली यू ने लिखा, "भारत मंगल पर पहुँच गया. अब ऐसा कुछ नहीं है जिसे लेकर हमारे देश के लोग शोर मचाएं."

यिंगाती रिशू ने लिखा, "भारत की कामयाबी भ्रष्टाचार में फँसे चीन के लिए एक और क़रारा झटका है."

एक अन्य यूज़र ने टिप्पणी की, "भारत को शाबाशी, चीन इस पर कुछ नहीं कहेगा."

चीन में कुछ नागरिकों को लग रहा है कि भारत चीन से काफ़ी आगे निकल गया है. एक व्यक्ति ने लिखा, "भारत की कामयाबी दर्शाती है कि चीन की उपलब्धियाँ पुरानी हो गई हैं और चीन का अंतरिक्ष कार्यक्रम अब आगे नहीं रह गया है."

आलोचना

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Image caption भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसरो को कमांड सेंटर में मौजूद रहे.

हालांकि कुछ लोग इस बात को लेकर निश्चित नहीं थे कि भारत की प्राथमिकताएं क्या हैं. कुछ नकारात्मक टिप्पणियां भी आईं.

यानझाऊजीयूरीजुशी ने लिखा, "यह देश अच्छे शौचालय तक तो बना नहीं सकता है और अब वे इतना शोर मचा रहे हैं. पहले उन्हें अपनी शौचालय की समस्या का समाधान करना चाहिए और ऐसी क़ानून व्यवस्था स्थापित करनी चाहिए जिसमें महिलाएं सुरक्षित महसूस करें. इस सबका क्या फ़ायदा जब आप अपनी महिलाओं को ही सुरक्षित न रख पाएं."

शुभकामनाएँ

वहीं चीन सरकार ने इस उपलब्धि पर भारत को शुभकामनाएं दी हैं. चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि यह समूचे एशिया के लिए गर्व की बात है.

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चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा, "हमने संबंधित रिपोर्ट देखी है. मंगल ग्रह की कक्षा में भारत के मंगलयान के सफलतापूर्वक स्थापित होने पर हम भारत को शुभकामनाएँ देते हैं."

प्रवक्ता के मुताबिक़, "यह भारत के लिए गर्व की बात है, यह एशिया के लिए गर्व की बात है. यह बाहरी अंतरिक्ष में मानव जाति के शांतिपूर्ण खोज अभियान में एक महत्वपूर्ण क़दम भी है. हम भारत को अपनी शुभकामनाएं देते हैं."

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