डी-कंपनी के ख़िलाफ़ भारत-अमरीका साथ

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भारत और अमरीका के बीच आतंकवाद से निबटने के लिए सहयोग बढ़ाने पर द्विपक्षीय समझौता हुआ है.

वॉशिंगटन में भारतीय विदेश मंत्रालय की प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी गई है.

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अक़बरुद्दीन ने बताया, "आतंकवादी और आपराधिक नेटवर्कों के सुरक्षित ठिकानों को तबाह करने के लिए संयुक्त और ठोस प्रयास किए जाएंगे और लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, डी-कंपनी, हक्कानी नेटवर्क और अल क़ायदा को आर्थिक और कूटनीतिक मदद को रोकने के लिए दोनों देश मिलकर काम करेंगे."

दोनों देश संदिग्ध आतंकवादियों की सूचियां साझा करेंगे और संघर्ष क्षेत्रों से लौट रहे लड़ाकों की जानकारियां साझा करेंगे.

हालांकि भारत अमरीका के नेतृत्व में इस्लामिक स्टेट के ख़िलाफ़ चल रही सैन्य कार्रवाई में शामिल नहीं होगा.

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Image caption भारत और अमरीका आतंकवाद को रोकने के लिए सहयोग बढ़ाएंगे.

दोनों देश जाली नोटों और साइबर अपराध को रोकने में भी सहयोग बढ़ाएंगे.

इलाहाबाद, अमजेर और विशाखापट्टनम को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने में अमरीका सहयोग करेगा.

भारत और अमरीका परमाणु तकनीक के असैनिक इस्तेमाल में भी सहयोग बढ़ाएंगे.

अमरीका भारतीय नौसेना के भविष्य की निर्माण योजनाओं में तकनीकी सहयोग करेगा.

अमरीका ने संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता के लिए सहयोग करने का भी वादा दोहराया है.

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