ओबामा, मोदी बोले- चलें साथ-साथ

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भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमरीका यात्रा की वैसे तो कई मायनों पर चर्चा हो रही है, लेकिन इनमें सबसे ज़्यादा वॉशिंगटन पोस्ट अख़बार में छपे संपादकीय ने लोगों का ध्यान खींचा है जिसे ओबामा और मोदी ने संयुक्त रूप से लिखा है.

इस लेख में मोदी और ओबामा ने कहा है कि भारत और अमेरिका के साझा हित हैं और दोनों ने ही इसमें दावा किया है कि भारत और अमेरिका की साझेदारी दुनिया को सालों तक शांति देगी.

गांधी, वाजपेयी और मार्टिन लूथर किंग

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इस साझा संपादकीय में पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी और मंगल ग्रह पर भेजे गए उपग्रह का भी उल्लेख है. इसके अलावा संपादकीय में दोनों देशों से जुड़े कुछ अन्य महापुरुषों का भी उल्लेख है.

इसमें लिखा है, “1893 में शिकागो में विश्‍व धर्म संसद में स्वामी विवेकानंद ने हिन्‍दुत्‍व को विश्‍व धर्म के रूप में प्रस्‍तुत किया. मार्टिन लूथर किंग जूनियर ने जब अफ्रीकी अमरीकी लोगों के साथ भेदभाव और पूर्वाग्रह समाप्‍त करने की ठानी तब वे महात्‍मा गांधी की अहिंसा की शिक्षा से प्रेरित थे.”

मोदी और ओबामा ने कहा कि साल 2000 में निस्संदेह, ऐसा बहुत कुछ हुआ जिसके चलते तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी कह सके कि हम स्वाभाविक साझीदार हैं.

चलें साथ-साथ

दोनों नेताओं के मुताबिक अब भी दोनों देशों के बीच संबध की वास्तविक क्षमता को पूरी तरह हक़ीक़त का रूप दिया जाना बाकी है.

संपादकीय में कहा गया है कि भारत में नई सरकार का आना दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंध को विस्तृत और प्रगाढ़ बनाने का एक स्वाभाविक अवसर है.

दोनों नेताओं ने लिखा है कि वैश्विक साझीदार के तौर पर हम ख़ुफ़िया जानकारियां साझा करके, चरमपंथ विरोधी संघर्ष और कानून-प्रवर्तन संबंधी सहयोग के जरिए अपनी आंतरिक सुरक्षा को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

संपादकीय का समापन साथ चलने की प्रतिबद्धता के साथ किया गया है. इसे रोमन लिपि और हिन्दी भाषा में नारे के रूप में लिखा गया है- चलें साथ-साथ.

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