अफ़ग़ानिस्तान में बने रहेंगे अमरीकी सैनिक

इमेज कॉपीरइट Reuters

अफ़ग़ानिस्तान की नई सरकार ने अमरीकी अधिकारियों के साथ एक नए सुरक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं जिसके तहत अमरीकी सैनिक 2014 के बाद भी वहां रुके रहेंगे.

इस समझौते पर अफ़ग़ानिस्तान के नए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हनीफ़ अत्मार ने हस्ताक्षर किए हैं.

हामिद करज़ई के नेतृत्व वाली पिछली सरकार ने अमरीका के साथ इस द्विपक्षीय सुरक्षा समझौते यानी बीएसए पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया था.

इमेज कॉपीरइट AFP
Image caption अफ़ग़ानिस्तान की पिछली सरकार ने इस समझौते पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया था

अफ़ग़ानिस्तान में मौजूद ज़्यादातर नेटो सेनाएं इस साल के अंत तक देश छोड़ देंगी, लेकिन 9800 अमरीकी सैनिक वहां बने रहेंगे.

लंबे समय से प्रतीक्षित इस समझौते पर अमरीका की ओर से अफ़ग़ानिस्तान में अमरीका के राजदूत जिम कनिंघम ने हस्ताक्षर किए.

साल 2015 के अंत तक अमरीकी सैनिकों की संख्या आधी रह जाएगी और 2016 के अंत तक अमरीकी सेनाएं लगभग पूरी तरह से वापस आ जाएंगी.

बीएसए के तहत आतंक विरोधी अभियानों के लिए कुछ विदेशी सेनाओं को देश में रहने की अनुमति मिली हुई है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार