इराक़ को 'नहीं चाहिए अरब देशों की मदद'

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इराक़ के प्रधानमंत्री हैदर अल अबादी का कहना है कि वह अपने देश में इस्लामिक स्टेट के ख़िलाफ़ हवाई हमलों में अरब देशों के शामिल होने का विरोध करते हैं.

बीबीसी को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा है कि पश्चिमी देशों की हवाई ताक़त ने इस्लामिक स्टेट के ख़िलाफ़ लड़ाई में अब तक रही कमियों को पूरा किया है.

सऊदी अरब और जॉर्डन समेत कई अरब देश इस्लामिक स्टेट के खिलाफ़ अंतरराष्ट्रीय गठबंधन के हवाई हमलों में शामिल हैं.

इन देशों के लड़ाकू विमानों ने सीरिया में हवाई हमले किए हैं. लेकिन इराक़ में सिर्फ़ अमरीकी, फ़्रांसीसी और ब्रितानी लड़ाकू विमानों ने ही हवाई हमले किए है.

फ़्रांस ने और विमान भेजे

फ़्रांस ने बुधवार को कहा है कि वह आईएस के विरुद्ध जारी संघर्ष के तीन और लड़ाकू विमान भेजेगा और एक युद्धपोत को खाड़ी में तैनात करेगा.

फ़्रांसीसी सेना के मुताबिक तीन रफ़ाल विमान संयुक्त अरब अमीरात भेजे जाएंगे, जिससे वहाँ कुल फ़्रांसीसी लड़ाकू विमानों की संख्या नौ हो जाएगी.

Image caption इराक़ के प्रधानमंत्री हैदर अल अबादी का कहना है कि इराक़ी सैन्य बल इस्लामिक स्टेट को रोक लेंगे.

बग़दाद में बीबीसी से बातचीत में अबादी ने कहा कि इराक़ी सेना हवाई ताक़त की मदद से इस्लामिक स्टेट को हरा देगी.

उन्होंने जोर देकर कहा कि इराक़ में विदेशी सैन्य बलों की ज़रूरत नहीं है.

ज़मीन पर सेना स्वीकार नहीं

उन्होंने कहा, "हम इस बात को लेकर बिलकुल स्पष्ट हैं कि हम ज़मीन पर इराक़ी सेना के सिवाय किसी और सेना को स्वीकार नहीं करेंगे."

उन्होंने कहा कि इराक़ी सेना ने इस्लामिक स्टेट के ख़तरे को थाम लिया है और बग़दाद पर हमले की संभावना को ख़त्म कर दिया है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उनके देश की सेना कोई क़सर नहीं छोड़ रही है.

उन्होंने ब्रिटेन से सेना को प्रशिक्षण, तकनीक और ख़ुफ़िया जानकारियाँ देने के लिए सहयोग भी माँगा है.

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अबादी ने बताया कि प्रधानमंत्री डेविड कैमरन सहयोग के लिए राज़ी हो गए हैं.

ध्रुवीकरण

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय ध्रुवीकरण के कारण इस्लामिक स्टेट का उदय हुआ है. इस्लामिक स्टेट ने इराक़ और सीरिया के अपने क़ब्ज़े वाले इलाक़े में इस्लामी ख़िलाफ़त घोषित कर दी है.

अबादी ने यह भी कहा कि वह अपने पड़ोसी देशों से बेहतर रिश्ते स्थापित करना चाहते हैं.

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पूर्व प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी के इस्तीफ़े के बाद हैदर अल अबादी ने सितंबर में एकजुटता वाली सरकार का गठन किया था. मलिकी पर सुन्नियों और कुर्दों के ख़िलाफ़ नस्लीय मतभेद और हिंसा के आरोप लगे थे.

अमरीका और सहयोगी देशों ने अगस्त में इराक़ में इस्लामिक स्टेट के ठिकानों पर हवाई हमले शुरू किए थे. 22 सितंबर से सीरिया में भी हवाई हमले किए जा रहे हैं.

सऊदी अरब, जॉर्डन, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और क़तर सीरिया में जारी हवाई हमलों में सहयोग कर रहे हैं.

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