चीनी मीडियाः सरकार 'रुख़' पर कायम रहेगी

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Image caption हांगकांग में लोग दीवार से चिपकाए हुए अख़बारों के पढ़ते हुए.

चीनी मीडिया ने हांगकांग में 'सार्वभौमिक मताधिकार' की माँग के मुद्दे पर सरकार के रुख़ में किसी तरह के बदलाव की संभावना से इनकार किया है.

यही नहीं, चीन के अख़बारों ने सरकार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे लोगों को चेतावनी दी है कि वे चीन की 'सर्वोच्च सत्ता' को चुनौती न दें.

हांगकांग में पिछले कई दिनों से आंदोलन कर रहे लोकतंत्र समर्थक छात्रों और नागरिकों ने शहर के कई हिस्सों पर कब्ज़ा कर रखा है.

चीन साल 2017 में होने वाले चुनाव में उम्मीदवारों का नाम तय करना चाहता है. उसके बाद लोगों को सिर्फ़ इन्हीं उम्मीदवारों में से एक को हांगकांग का मुख्य कार्यकारी चुनना होगा.

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आंदोलनकारी इसके सख़्त ख़िलाफ़ हैं.

हांगकांग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सीवाई लेंग ने गुरुवार को प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया था कि सरकार छात्र नेताओं के साथ जितनी जल्दी संभव हो बातचीत करेगी.

'हांगकांग चीन का भविष्य, दुश्मन नहीं'

चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के अखबार पीपुल्स डेली ने चीन की केंद्र सरकार के फ़ैसले के पक्ष में फिर से अपना समर्थन जताया है. साथ ही, अख़बार ने उन 'लोगों' पर हमला बोला है जो केंद्र सरकार पर सवाल खड़े कर रहे हैं.

दैनिक अखबार ने कई रिपोर्ट जारी करते हुए लोगों का इस ओर ध्यान आकर्षित किया है कि छात्रों का आंदोलन रोज़मर्रा के जीवन को बाधित कर रहा है और इससे हांगकांग की आर्थिक छवि को नुकसान पहुंच रहा है.

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उधर ब्रितानी अखबार गार्जियन में छपे उस लेख को बहुत सारे मीडिया संस्थानों ने जगह दी है जिसमें सरकार के ख़िलाफ़ हो रहे प्रदर्शन की आलोचना की गई है. इस लेख में कहा गया है कि 'हांगकांग चीन का भविष्य है, दुश्मन नहीं'

हांगकांग के कई अख़बारों में इस बात पर भी चर्चा छिड़ गई है कि सीवाई लेंग के पीछे हटने से इनकार कर देने के बाद विरोध प्रदर्शन का भविष्य क्या होगा?

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