इबोला संक्रमण से बचने के पांच ख़ास तरीके

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पश्चिम अफ़्रीका समेत दुनिया के अन्य हिस्सों में इबोला वायरस का संक्रमण फैलने के साथ-साथ इसकी चपेट में आने का ख़तरा भी बढ़ता जा रहा है. विशेषज्ञ इस जानलेवा वायरस के संक्रमण से बचाव के नए तरीके खोज रहे हैं.

पूरे पश्चिम अफ़्रीका में इस इबोला से 7,500 से ज़्यादा लोग संक्रमित हैं.

विशेषज्ञ कहते हैं कि इसके बचाव के लिए साफ़-सफ़ाई का ध्यान रखना चाहिए और समय-समय पर कपड़े बदलते रहना चाहिए ताकि इस वायरस की चपेट में आने से बचा जा सके.

जानिए ऐसे ही पांच असरदार तरीके जो आपको जानलेवा इबोला से बचा सकते हैं.

1. मरीज के संपर्क से बचें

इबोला वायरस से संक्रमित व्यक्ति की देखभाल करने वाले संबंधियों और स्वास्थ्यकर्मियों में इसके संक्रमण का सबसे ज़्यादा ख़तरा होता है.

इस बीमारी की चपेट में आने वाले व्यक्ति के समीप आने वाला हर व्यक्ति ख़ुद को संक्रमण के ख़तरे में डालता है.

2. बदलते रहें कपड़े

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स्वास्थ्य सेवाओं के सिलसिले में इबोला वायरस से संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आते वक्त पूरी तरह सुरक्षित कपड़ों वाली किट पहननी चाहिए.

इस दौरान दस्ताने, मॉस्क, चश्मे, रबर के जूते और पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनने चाहिए, लेकिन बहुत कम लोगों के पास इस तरह की किट होती है.

इस तरह की किट पहनने वालों को हर 40 मिनट पर इसे बदलते रहना चाहिए.

इस बचाव वाली किट को पहनने में पाँच मिनट और इसे सहयोगी की मदद से दोबारा उतारने में लगभग 15 मिनट लगते हैं.

यह इस वायरस की चपेट में आने का सबसे ख़तरनाक समय होता है और इस दौरान क्लोरीन का छिड़काव किया जाता है.

3. अपनी आखों को ढँकें

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अगर इबोला संक्रमित द्रव्य आपकी त्वचा के संपर्क में आता है तो इसे शीघ्रता से साबुन और पानी की मदद से धोया जा सकता है या अल्कोहल वाले हैंड सैनिटाइज़र का इस्तेमाल किया जा सकता है.

लेकिन आँखों का मामला काफ़ी अलग है, स्प्रे के दौरान संक्रमित द्रव्य की एक भी बूंद का आँखों में पड़ना भी इस वायरस के संक्रमण की वजह बन सकता है.

इसी तरीके से मुँह और नाक का भीतरी हिस्सा संक्रमण की दृष्टि से काफ़ी संवेदनशील होता है, जिनका बचाव करना चाहिए.

4. साफ़-सफ़ाई का ध्यान

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इबोला का सबसे घातक लक्षण रक्तस्राव है. इसमें मरीज की आँखों, कान, नाक, मुंह और मलाशय से रक्तास्राव होता है. मरीज की उल्टी में भी रक्त मौजूद हो सकता है.

अस्पताल से निकलने वाले कपड़ों और अन्य चीज़ों को जला देना चाहिए.

सतह पर गिरे द्रव्य से संक्रमण का ख़तरा होता है, लेकिन अभी यह साफ़ नहीं है कि यह वायरस कितने समय तक सक्रिय रहता है.

5. कंडोम का इस्तेमाल

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Image caption विशेषज्ञ इबोला से उबरे लोगों को शारीरिक संबंध बनाने के दौरान तीन महीने तक कंडोम का इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं.

इबोला संक्रमण से पूरी तरह ठीक होने के बाद भी लोगों के शुक्रणु में तीन महीने तक इस वायरस की मौजूदगी पाई गई है.

इस वजह से डॉक्टर कहते हैं कि इबोला से उबरे लोगों को तीन महीनों तक शारीरिक संबंध बनाने से बचना चाहिए या तीन महीनों तक कंडोम का इस्तेमाल करना चाहिए.

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