नीलोफर: पाकिस्तान को बचाएगी मज़ार ?

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Image caption हाल में भारत के दक्षिम में आए हुदहुद तूफान से ख़ासी तबाही हुई

समुद्री नीलोफ़र तूफ़ान को देखते हुए जहां भारत और पाकिस्तान के कई इलाक़ों में प्रशासन एहतियाती कदम उठाने में जुटा है, वहीं सिंध एसेंबली के स्पीकर को भरोसा है कि ये तूफ़ान पाकिस्तान का कुछ नहीं बिगाड़ सकता.

सिंध एसेबली की एक सदस्य इरम फ़ारूकी ने जब नीलोफ़र तूफ़ान का मुद्दा सदन में उठाया तो स्पीकर सिराज दुर्रानी ने कहा, "क्या इस नाम की यहां कोई महिला सदस्य हैं?"

जब फ़ारूकी ने कहा कि नीलोफ़र के बारे में तो हर कोई जानता है तो स्पीकर का कहना था, "नीलोफ़र तो किसी महिला का नाम हो सकता है."

इरम फ़ारूकी ने ये भी जानना चाहा कि सिंध सरकार कराची से टकराने वाले इस तूफ़ान से निपटने के लिए क्या कर रही है. इस पर स्पीकर दुर्रानी का जबाव और दिलचस्प था.

'बचाएंगे शाह ग़ाज़ी'

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Image caption तूफान के कारण तेज हवाओं और भारी बारिश की आशंका है (फाइल फोटो)

उन्होंने कहा, "समंदर के किनारे पर हज़रत अब्दुल्लाह शाह गाज़ी साहब का मज़ार है. उनकी वजह से हम आज तक बचते आए हैं. और इंशा अल्लाह इस बार भी बचेंगे."

बहरहाल पाकिस्तान सरकार ने अरब सागर में उठे इस तूफ़ान को देखते हुए तटीय इलाकों में आपातकाल की घोषणा की है.

इस तूफ़ान के चलते गुरुवार को पाकिस्तान के सिंध और बलूचिस्तान प्रांतों के साथ-साथ भारत के गुजरात राज्य में भारी बारिश हो सकती है.

सिंध सरकार ने शुक्रवार को प्रांत के दस तटीय जिलों में छुट्टी की घोषणा की है.

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