अल-अक़्सा मस्जिद 'खुली' पर तनाव बरक़रार

डोम ऑफ रॉक और अल-अक़्सा मस्जिद इमेज कॉपीरइट AFP

इसराइल के येरुशलम में अल-अक़्सा मस्जिद को कुछ पाबंदियों के साथ जुमे की नमाज़ के लिए खोले जाने के बाद इलाक़े में तनाव है.

मुसलमानों के तीसरे सबसे पावन स्थल अल-अक़्सा मस्जिद के आसपास सुरक्षा कड़ी है और हथियारों से लैस हज़ारों इसराइली सैनिकों को तैनात किया गया है.

सैनिक केवल 50 से अधिक उम्र के लोगों को मस्जिद परिसर में जाने दे रहे हैं और फ़लस्तीनियों ने विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है.

येरुशलम में बुधवार को एक दक्षिणपंथी यहूदी नेता रब्बी यहूदा ग्लिक पर गोली चलाई गई जिससे वो गंभीर रूप से घायल हो गए.

इसके बाद एक फ़लस्तीनी युवक मोअत्तज़ हेजाज़ी को पुलिस ने तब गोली मार दी थी जब उसने घेरे जाने के बाद गोली चलाई थी.

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Image caption महमूद अब्बास ने अल-अक़सा मस्जिद को अस्थाई तौर पर बंद करने की नंदा की थी

इसके बाद अल-अक़्सा मस्जिद को अस्थायी तौर पर बंद किया गया था और तब से मुसलमानों और यहूदियों के बीच तनाव फैला हुआ है.

यहूदी इस पवित्र धार्मिक स्थल को 'टेंपल माउंट' और मुसलमान 'अल-हराम अल-शरीफ' पुकारते हैं. यहीं 'अल-अक़्सा' मस्जिद, इस्लाम का तीसरा सबसे पवित्र स्थल है.

गुरुवार को फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास के प्रवक्ता ने अल-अक़्सा मस्जिद को अस्थाई तौर पर बंद करने के कदम को 'युद्ध की घोषणा' बताया था.

क्यों अहम है यरूशलम का पावन स्थल

  • यहूदियों के लिए 'टेंपल माऊंट' और मुसलमानों के लिए 'अल-हराम अल शरीफ़' के नाम से मशहूर पावन स्थल में 'अल-अक़्सा मस्जिद' और 'डोम ऑफ द रॉक' भी शामिल है.
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  • 'डोम ऑफ रॉक' को यहूदी धर्म में सबसे पवित्र स्थल का दर्जा दिया गया है.
  • 'अल-अक़्सा' मस्जिद को इस्लाम का तीसरा सबसे पवित्र स्थल कहा गया है. पैगंबर मोहम्मद से जुड़े होने के कारण 'डोम ऑफ द रॉक' को मुसलमान भी पावन स्थल मानते हैं.
  • जिहाद के समय से ही एक मुसलमान समिति पवित्र स्थल का रख-रखाव कर रही है. साल 1967 में पूर्वी येरूशलम पर नियंत्रण करने के बाद से इसमें आना-जाना इसराइल नियंत्रित कर रहा है.
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  • इसराइल में सुरक्षा कारणों से इस धार्मिक स्थल पर ग़ैर-मुसलमानों की प्रार्थना पर पाबंदी लगी हुई है.
  • दक्षिणपंथी यहूदी नेता रब्बी यहूदा ग्लिक इस विवादित धार्मिक स्थल पर यहूदियों को प्रार्थना करने और अधिक अधिकार दिए जाने के लिए आवाज़ उठाते रहे हैं.

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