यूक्रेन में अलगाववादियों का 'चुनाव'

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पूर्वी यूक्रेन में रूस समर्थित अलगावादी दोनेत्स्क और लोहांस्क में चुनाव करवा रहे हैं जिन्हें पश्चिमी देशों ने ग़ैरक़ानूनी ठहराया है.

अलगाववादियों द्वारा 'जन गणतंत्र' घोषित इन दोनों इलाक़ों में राष्ट्रपति और संसदीय चुनाव हो रहे हैं.

यूक्रेन, अमरीका और यूरोपीय संघ ने कहा है कि वे इन चुनावों को मान्यता नहीं देंगे लेकिन रूस ने चुनावों को अपना समर्थन दिया है.

पूर्वी यूक्रेन में शुक्रवार से तनाव बढ़ने के बाद से यूक्रेन के कम से कम सात सैनिक मारे गए हैं.

क़ब्ज़ा

महीनों से चल रहे संघर्ष के मिंस्क में हुए संघर्षविराम के बाद दोनेत्स्क और लोहांस्क पर सितंबर में अलगाववादियों का क़ब़्ज़ा हो गया था.

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विद्रोही नेताओं का कहना है कि आज़ाद देश के रूप में अब उन्हें यूक्रेन के नियम-क़ायदों के पालन की ज़रूरत नहीं है.

उन्होंने यूक्रेन में पिछले हफ़्ते संपन्न हुए आम चुनाव में हिस्सा नहीं लिया था.

दोनेत्स्क में कार्यकारी प्रमुख अलेक्सांद्र जाखरचेनको के राष्ट्रपति चुने जाने की संभावना है.

नियमों का पालन

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Image caption दोनेत्स्क में रूस समर्थक अलगाववादियों का ''स्व-शासन'' के मुद्दे पर जनमत संग्रह.

दोनेत्स्क के चुनाव अधिकारी रोमन लेगिन ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया, "ये चुनाव बेहद महत्वपूर्ण हैं. सत्ता की वैधता और कीएफ़ से दूरी के लिए ये ज़रूरी हैं."

उधर पश्चिमी देशों के नेताओं और मंत्रियों ने किएफ़ में कहा कि अलगाववादियों के संघर्षविराम के नियमों का पालन करना चाहिए करें.

समझौते के मुताबिक़ यूक्रेन के क़ानून के अनुसार दिसंबर में स्थानीय चुनाव संपन्न होने हैं.

इस बीच अमरीका ने एक बयान में कहा, "हम अलगाववादियों के रविवार को 'अवैध' स्थानीय चुनाव कराए जाने की मंशा की निंदा करते हैं."

हथियारबंद अलगाववादियों ने अप्रैल में दोनेत्स्क और लोहांस्क में सरकारी इमारतों पर क़ब्ज़ा कर लिया था. इस संघर्ष में अब तक कम से कम 3,700 लोगों की मौत हो चुकी है.

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