लाइबेरिया में इबोला मामलों में कमी

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स्वास्थ्य मामलों से संबंधित संगठन 'मेडिसां सां फ्रंतियेर' यानी एमएसएफ़ का कहना है कि लाइबेरिया में इबोला के नए मामलों में कमी आ रही है.

'डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स' नाम से मशहूर इस संगठन का कहना है कि लाइबेरिया में उसके एक उपचार केंद्र में इस समय एक भी मरीज़ नहीं है.

हालांकि संगठन ने गिनी और सिएरा लियोन में इबोला के मामलों में बढ़ोत्तरी की चेतावनी भी दी है.

एमएसएफ़ ने पश्चिम अफ़्रीका में हज़ारों स्वास्थ्यकर्मी इबोला के मरीज़ों के इलाज के लिए तैनात किए हैं.

हज़ारों की मौत

Image caption लाइबेरिया इबोला से सबसे ज़्यादा प्रभावित हुआ है.

इबोला संक्रमण से अब तक पाँच हज़ार के क़रीब लोगों की मौत हो चुकी है और चौदह हज़ार से अधिक मामले सामने आ चुके हैं.

एमएसएफ़ की इबोला रेस्पांस टीम के प्रमुख क्रीस स्टोक्स ने बीबीसी को बताया है कि लाइबेरिया में इबोला में नए मामलों की कमी से स्वास्थ्यकर्मियों को तेज़ी से सेवाएं मुहैया कराने का अवसर मिल सकेगा.

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि गिनी और सिएरा लियोन में इबोला के मामलों में बढ़ोत्तरी के कारण ये बीमारी फिर से फैल सकती है.

उनका कहना है कि इस बीमारी पर नियंत्रण तभी किया जा सकता है जब इसे लाइबेरिया, गिनी और सिएरा लियोन में एक साथ रोका जाए.

11 महीने से जारी इस संक्रमण में पश्चिम अफ़्रीकी देश लाइबेरिया सबसे बुरी तरह प्रभावित हुआ है. यहाँ अभी तक सबसे ज़्यादा मौतें हुई हैं.

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