इबोलाः बचे लोगों के प्लाज़मा से कोशिश

इबोला

मानवाधिकार संस्था मेडिसाइन सॉं फ्रॉंन्टियर पश्चिम अफ़्रीका में इबोला के तीन संभावित इलाज के क्लिनिकल ट्रायल करेगी.

गिनी और लाइबेरिया में स्वास्थ्य कर्मी विश्व स्वास्थ्य संगठन की सूची के अनुसार इबोला से बच गए लोगों के ब्लड प्लाज़मा और दो एंटी वायरल दवाओं का इस्तेमाल करेंगे.

इस बीमारी से अब तक करीब 14,000 लोग प्रभावित हुए हैं, तकरीबन सभी पश्चिम अफ़्रीका में हैं और मौतों की संख्या अब तक 5,160 तक पहुंच चुकी है.

एमएसएफ़ के ट्रायल का लक्ष्य मरीज़ों को संक्रमण के जोखिम भरे शुरुआती 14 दिन तक बचाए रखना है.

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तीन अलग ट्रायल

एमएसएफ़ का कहना है कि संगठन इन जल्द किए जा रहे प्रयोगों में इस उम्मीद के साथ भाग ले रहा है कि इबोला से प्रभावित लोगों के लंबे समय तक बचने की संभावना बढ़ सके.

इबोला का प्रभावी इलाज ढूंढने के लिए पश्चिम अफ़्रीका में क्लिनिकल ट्रायल्स अगले महीने शुरू होंगे.

इबोला वायरस के ख़िलाफ़ अग्रणी भूमिका निभा रहे एमएसएफ़ का कहना है कि वह अपने स्वास्थ्य केंद्रों में तीन अलग-अलग शोध कार्यक्रम चलाएगा.

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गिनी की राजधानी कोनाक्री में किए जाने वाले प्रयोग में इबोला से ठीक हो चुके मरीज़ों के ख़ून का इस्तेमाल इलाज में किया जाएगा.

दो एंटीवायरल दवाओं का प्रयोग गिनी और एक अन्य स्थान पर किया जाएगा.

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