'मंगल' कामना के साथ उड़ा ओरायन

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अमरीका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने मंगल ग्रह पर भेजे जा रहे यान ओरायन का प्रक्षेपण कर दिया है.

ओरायन नामक यह कैप्सूल फ़्लोरिडा स्थित केप कैनेवरल से डेल्टा रॉकेट के ज़रिए पृथ्वी से मंगल के लिए रवाना हुआ.

इस स्पेस कैप्सूल से कई महत्वपूर्ण तकनीकों का परीक्षण किया जाना है. अगर नई तकनीक कामयाब रही, तो मनुष्य का मंगल ग्रह पर जाना संभव हो सकता है.

शंकु के आकार के इस कैप्सूल का डिज़ाइन चंद्रमा पर 1960 और 1970 के दशक में भेजे गए अपोलो यान जैसा है.

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हालांकि यह अपोलो से बड़ा और तकनीकी तौर पर काफ़ी उन्नत है.

टल गया था प्रक्षेपण

नासा ने गुरुवार को तकनीकी कारणों से इस यान का प्रक्षेपण टाल दिया था.

एजेंसी के मुताबिक़ गुरुवार को प्रक्षेपण के कई प्रयास हुए पर एक जहाज़ के बहुत क़रीब आने, तेज़ हवा और तकनीकी कारणों से इसे रद्द किया गया था.

ओरायन के विकास के साथ ही नासा ने एक शक्तिशाली नए रॉकेट का विकास किया है जो साल 2017 या 2018 में उड़ान भरेंगे.

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