एक से ज़्यादा शहर होंगे ओलंपिक मेज़बान

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अब तक ओलंपिक का आयोजन एक ख़ास शहर में होता रहा है, लेकिन अब ये परंपरा बदल भी सकती है.

मोनाको में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) की बैठक में ये फ़ैसला लिया गया है कि मेजबान शहर चाहे तो आयोजन को दूसरे शहर ही नहीं, दूसरे देश में भी स्थानातंरित कर सकता है.

अनुमान लगाया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने ये फ़ैसला 2018 के शीतकालीन ओलंपिक के प्योंगचैंग में आयोजन को देखते हुए किया गया है.

आईओसी के उपाध्यक्ष जॉन कोएट्स ने सदस्य देशों के सामने इस बदलाव का प्रस्ताव रखा जिसे पारित किया गया.

कोएट्स के मुताबिक यह बदलाव मेजबानी करने वाले देश और शहर के बजट को कम करने के उद्देश्य से किया गया है.

बदलाव से फ़ायदा

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जॉन कोएट्स ने कहा, "इस बदलाव से अलग अलग शहर और देश खेलों की मेजबानी कर पाएंगे, जिससे आयोजन के लागत को कम किया जा सकेगा."

2014 के शीतकालीन ओलंपिक का आयोजन रूस के शहर सोची ने किया था. इस मेजबानी पर 51 अरब डॉलर का खर्चा आया था.

इतने भारी भरकम खर्च के कारण 2022 के शीतकालीन ओलंपिक के लिए मेजबानी के छह दावदारों में से चार डर गए थे.

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उधर 2018 में प्योंगचैंग में होने वाले शीतकालीन ओलंपिक का आयोजन भी बजट के संकट का सामना कर रहा है. कई निर्माण स्थलों पर विलंब से काम चल रहा है.

ऐसे में माना जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के ताज़े फ़ैसले से शीतकालीन ओलंपिक के कुछ मुक़ाबलों का आयोजन जापान में कराया जा सकता है.

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