ग्वांतानामो जेल से छह क़ैदी रिहा

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ग्वांतानामो जेल से रिहा किए गए छह क़ैदी दक्षिण अमरीकी देश उरुग्वे पहुंच गए हैं.

इस साल की शुरुआत में उरुग्वे ने कहा था कि चार सीरियाई, एक ट्यूनिशियाई और एक फ़लस्तीनी व्यक्ति को मानवीय आधार पर वहां शरण देने की सहमति बनी है.

ये सभी छह व्यक्ति 12 वर्ष पहले कथित रूप से अल-क़ायदा से संबंध रखने पर बंदी बनाए गए थे, लेकिन उन पर आरोप कभी तय नहीं किए गए.

उरुग्वे के राष्ट्रपति जोस मुज़िका के हवाले से कहा गया है कि इन लोगों को एक काफी 'यातनाएं' दी जा रही थीं.

पेंटागन के अनुसार, रिहा किए गए क़ैदियों के नाम हैं- अबू वाएल थियाब, अली हुसैन शाबान, अहमद अदनान अजुरी और अब्देलहदी फ़राज सीरिया से, मोहम्मद अब्दुल ताहा मत्तन फ़लस्तीन से और अदेल बिन मोहम्मद अल आउरेघी ट्यूनीशिया से.

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43 साल के अबू वाएल थियाब के वकील ने उरुग्वे को शरण देने के लिए शुक्रिया कहा है.

उरुग्वे की सरकार ने एक बयान जारी कर कहा है कि इन सभी छह लोगों को स्वास्थ्य जांच के लिए सैन्य अस्पताल ले जाया गया है.

पेंटागन ने एक बयान जारी कर ग्वांतानामो बे जेल को बंद करने की कोशिशों के प्रति सकारात्मक रुख अपनाने के लिए उरुग्वे सरकार के प्रति आभार जताया है.

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Image caption जेल से रिहा होने के बाद क़ैदियों को उरुग्वे के सैन्य अस्पताल में स्वास्थ्य परीक्षण के लिए ले जाया गया है.

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा पहले ही क्यूबा में स्थित ग्वांतानामो बे जेल को बंद करने की बात कह चुके हैं.

इस बंदीगृह को अमरीका के चरमपंथ विरोधी युद्ध में पकड़े गए शत्रु लड़ाकों को बंद करने के लिए 2002 में खोला गया था.

ग्वांतानामो बे जेल में मौजूद 136 में से लगभग आधे क़ैदियों को रिहा करने करने के आदेश जारी हो चुके हैं, लेकिन फ़िलहाल वो कहां जाएं ये सुनिश्चित नहीं हो पाया है.

क्योंकि क़ैदी जिन देशों के हैं वहां सरकारें या तो अस्थिर हैं या वहां का माहौल असुरक्षित है.

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