पेशावर स्कूल हमला: क्या-क्या हुआ था

पाकिस्तान, आर्मी पब्लिक स्कूल हमला, प्रदर्शन इमेज कॉपीरइट EPA

पाकिस्तान के पेशावर शहर में एक सैनिक स्कूल में मंगलवार को तालिबान के हमले में 132 बच्चों समेत 140 से ज़्यादा लोग मारे गए थे.

तालिबान के चरमपंथियों ने स्कूल की चारदीवारी से अंदर घुसकर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई थीं.

अब तक इस हादसे से बारे में जो जानकारियां मिली हैं, वे इस तरह हैं.

'कक्षाओं में घूमकर गोली मारते रहे'

इमेज कॉपीरइट EPA

1. स्थानीय समयानुसार करीब 10 बजे सात चरमपंथियों को पेशावर के आर्मी पब्लिक स्कूल की दीवार पर चढ़ते देखा गया. सभी हमलावर विस्फ़ोटकों से भरी जैकेट पहने हुए थे और उन्होंने दीवार फांदने के लिए सीढ़ी का इस्तेमाल किया.

2. उन्होंने अंधाधुंध गोलियां चलानी शुरू कर दीं, जिसके बाद विद्यार्थी और शिक्षक इमारत के अंदर भाग गए. प्रत्यक्षदर्शियों के अऩुसार चरमपंथियों ने एक बम भी फोड़ा.

पढ़ें: 'दुख की इस घड़ी में हम साथ हैं'

3. जो लोग बच गए उन्होंने बताया कि कैसे हमलावर स्कूल के ऑडिटोरियम में घुस गए, जहां सेना का एक दल विद्यार्थियों को प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण दे रहा था.

इमेज कॉपीरइट EPA

4. छात्रों ने बताया कि कैसे हमलावर एक कक्षा से दूसरी कक्षा में जाकर बच्चों को गोलियां मारते रहे.

5. सेना के कमांडो जल्द ही मौके पर पहुंच गए थे और फिर जब उन्होंने चरमपंथियों को निशाना बनाया तब गोलियां चलने, विस्फ़ोटों की आवाज़ें सुनाई दीं.

देखें: तस्वीरें: रुख़्सत हुए लख़्त-ए-जिगर

6. इसके बाद सेना ने स्कूल में खंड दर खंड घूमते हुए 'तलाशी अभियान' और स्कूल में विस्फोटकों को हटाने का काम शुरू किया

इमेज कॉपीरइट EPA

7. सेना ने चरमपंथियों के स्कूल में लगाए गए विस्फ़ोटकों की वजह से मुश्किल का सामना करने की बात कही.

पढ़ें: वो चार घंटे और लाशों का अम्बार

8. पाकिस्तानी सेना ने नौ घंटे से ज़्यादा समय के बाद, सभी चरमपंथियों के मारे जाने की घोषणा करते हुए, इस अभियान के ख़त्म होने का ऐलान किया.

इमेज कॉपीरइट EPA

9. मेजर जनरल असीम बाजवा का कहना था कि चरमपंथियो के पास हथियारों और खाने का स्टॉक था, जिससे लगता है कि वह स्कूल पर कुछ समय तक कब्ज़ा जमाए रखना चाहते थे.

10. अधिकारियों का यह भी कहना था कि यह तुरंत स्पष्ट नहीं हो पाया कि चरमपंथियों को पाकिस्तानी सेना ने मारा या उन्होंने ख़ुद को विस्फ़ोट से उड़ा लिया.

पढ़ें: पाकिस्तान: 10 बड़े चरमपंथी हमले

पेशावर का आर्मी पब्लिक स्कूल पाकिस्तान भर में मौजूद 146 आर्मी स्कूलों और कॉलेजों में से एक है. यह पेशावर छावनी के एक कोने पर स्थित है.

इमेज कॉपीरइट EPA

स्कूल के ज़्यादातर विद्यार्थी- 1,000 से ज़्यादा लड़के-लड़कियां- सैन्यकर्मियों के बच्चे हैं लेकिन कुछ आम परिवारों से भी हैं. यहां विद्यार्थियों की उम्र 10 से 18 साल है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार