ग्वांतानामो की जेल से 4 क़ैदी रिहा

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ग्वांतानामो बे की जेल में बंद चार क़ैदियों को उनके देश अफ़ग़ानिस्तान भेजा जा रहा है. अमरीकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने इसकी जानकारी दी है.

शवाली ख़ान, खी अली गुल, अब्दुल गनी और मोहम्मद जाहिर के मामलों की दोबारा छानबीन करने के बाद उन्हें वापस भेजने का फ़ैसला किया गया.

क्यूबा की अमरीकी जेल में 130 से ज़्यादा कैदी अब भी हैं. माना जा रहा है कि इनमें अफ़ग़ानिस्तान के आठ कैदी हैं.

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इस जेल को बंद करने की शपथ ली थी. न्यूयॉर्क पर 11 सितंबर के हमलों के बाद 2002 में यह जेल बनाई गई थी.

अमरीका का कहना है कि 'आतंकवाद के ख़िलाफ़ जंग' के दौरान हिरासत में लिए गए 'दुश्मन हमलावरों' को यहां रखा गया है.

मानवाधिकार के लिए काम करने वालों संगठनों ने कई बार इस जेल की आलोचना की है.

जाएँ कहां?

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शनिवार को पेंटागन से जारी बयान में कहा गया है, "ये उस समीक्षा का नतीजा है जो कई कारकों को आधार बना कर की गई जिसमें सुरक्षा से जुड़े मुद्दे भी शामिल हैं. इन लोगों को छह विभागों और एजेंसियों के टास्क फोर्स ने सर्वसम्मति से वापस भेजने की मंजूरी दी है.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने एक अमरीकी अधिकारी के हवाले से कहा है कि चारों क़ैदियों को अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल एक अमरीकी सैन्य जहाज़ में ले जाया गया और स्थानीय अधिकारियों को सौंप दिया गया.

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अमरीकी रक्षा मंत्रालय ने इस बारे में और जानकारी नहीं दी है.

क़ैदियों को वापस भेजने की कार्रवाई जेल बंद करने की राष्ट्रपति बराक ओबामा की इच्छा से शुरू हुई है.

इसी महीने की शुरुआत में छह क़ैदियों को उरुग्वे भेजा गया जहां उन्हें पूरी तरह से आज़ाद कर दिया गया है.

ग्वांतानामो में बाक़ी बचे क़ैदियों में से करीब आधे क़ैदियों को वापस भेजने की मंज़ूरी मिल गई है लेकिन उन्हें भेजा नहीं जा रहा. इसकी वजह ये है कि उनके देश में अस्थिरता है.

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