'26/11 मुक़दमे में भारत के चलते देरी हुई'

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अज़ीज़ का कहना है कि मुंबई हमलों को लेकर पाकिस्तान में चल रहे मुक़दमे में देरी भारत की वजह से हुई है.

उन्होंने कहा, "मुकदमा तेज़ी से चल रहा है. इसमें देरी इसलिए आई थी कि हमारे न्यायिक आयोग को भारत में हमले के चश्मदीदों से पूछताछ नहीं करने दी गई थी. पिछले साल सितंबर में ही ऐसा हो पाया. उसके बाद से मुक़दमा चल रहा है."

उन्होंने इस मुक़दमे में जल्दी फ़ैसला आने की उम्मीद जताई.

भारत 2008 में हुए हमलों के अभियुक्तों के ख़िलाफ़ पाकिस्तान में जारी मुक़दमे की धीमी रफ़्तार को लेकर अपनी नाराज़गी जताता रहा है.

ज़मानत के ख़िलाफ़ अपील

पिछले दिनों जब इस मामले के मुख्य अभियुक्त ज़कीउर रहमान लखवी को ज़मानत दी गई तो भारत ने अपना कड़ा विरोध जताया. हालांकि ज़मानत के बाद लखवी को तुरंत नज़रबंद कर दिया गया.

Image caption मुंबई हमले के दौरान सुरक्षा बलों को चरमपंथियों से निपटने में कई दिन लग गए

अज़ीज़ ने इस बात से इनकार किया कि लखवी की नज़रबंद भारत के दबाव में किया गया.

उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता कि ये भारत के दबाव की वजह से हुआ है. ये सराकर का फ़ैसला था कि जब तक मुकदमा ख़त्म नहीं हो जाता है, तब तक सभी अभियुक्तों को रखा जाना चाहिए."

पाकिस्तान सरकार ने लखवी को मिली ज़मानत के ख़िलाफ़ अपील करने का फ़ैसला किया है.

नवंबर 2008 में मुंबई में हुए कई चरमपंथी हमलों में 165 से ज़्यादा लोग मारे गए. भारत इन हमलों के लिए पाकिस्तानी चरमपंथी संगठन लश्कर-ए-तैयबा को ज़िम्मेदार मानता है.

पाकिस्तान में मुंबई हमलों की साज़िश रचने का आरोप में लखवी समेत कुल सात लोगों के खिलाफ मुक़दमा चल रहा है.

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