34 बच्चों का परिवार, सिलसिला जारी है

जीयान और पॉल ब्रिग्स का परिवार इमेज कॉपीरइट BBC World Service

जियान और पॉल ब्रिग्स के 34 बच्चे हैं. उनमें से 29 को उन्होंने मेक्सिको, घाना और यूक्रेन समेत कई देशों से गोद लिया है.

अब उनका परिवार पहले से बड़ा होने वाला है. 1985 में जियान ब्रिग्स ने चर्च में दो साल के एक बच्चे की तस्वीर देखी.

वो बच्चा नेत्रहीन था और मेक्सिको के एक अनाथालय में पल रहा था. बच्चे की पिटाई कुछ ऐसे की गई थी कि उसकी टांगें टूट गई थीं.

चोटें उसके दिमाग पर भी आई थीं. तस्वीर देखने के बाद जियान और उनके पति पॉल मेक्सिको गए.

बड़ा परिवार

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Image caption अब्राहम अपनी गर्लफ्रेंड के साथ.

जियान याद करती हैं, "मैंने उसे ऐसे देखा मानो वह मेरा बच्चा हो और मुझे तुरंत समझ आ गया था कि हमें उसे गोद लेना चाहिए."

उन्होंने यही किया. अब्राहम अब 31 साल के हैं और पश्चिमी वर्जीनिया में रहते हैं. उनकी एक गर्लफ्रेंड भी है.

वे प्रतिभाशाली संगीतकार हैं और पियानो और गिटार बजाते हैं और खुद का संगीत रचते हैं.

अब्राहम जब से परिवार का हिस्सा बने, ब्रिग्स दंपति ने रूस, यूक्रेन, बुल्गारिया और घाना से और 28 बच्चों को गोद लिया.

सिलसिला

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उनके ख़ुद के पांच बच्चे हैं और इनको मिलाकर जियान और पॉल के 34 बच्चे हुए.

मगर ब्रिग्स परिवार और विस्तार करना चाहता है.

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जियान घाना से दो और छोटे बच्चों को गोद लेने की प्रक्रिया में हैं. वह बताती हैं, "वे बस तीन महीने के हैं और किसी ने उन्हें लावारिस छोड़ दिया था."

जाबिन कोफी और जॉन डेविड जल्द ही अमरीका में इस परिवार का हिस्सा बन जाएंगे.

प्रक्रिया

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हर बच्चे को गोद लेने में परिवार को अलग-अलग वक़्त लगा.

सबसे कम समय दो महीने और सबसे ज़्यादा क़रीब डेढ़ बरस लगा.

बच्चों की मेडिकल ज़रूरतों की वजह से ब्रिग्स परिवार इस प्रक्रिया को जल्द निपटाने की कोशिश करता है.

29 साल में ज्यों-ज्यों परिवार के सदस्यों की संख्या बढ़ी, कई बदलाव भी हुए.

घर में स्कूल

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यहां फिलहाल नौ बेडरूम हैं, जो डॉरमेट्री जैसे लगते हैं. पांच हज़ार स्क्वेयर फ़ीट का मकान अपने असल आकार से दोगुना बड़ा हो गया है.

यहां बच्चे पढ़ते भी हैं. जियान इन्हें पिछले 30 साल से पढ़ा रही हैं.

बच्चे रोज़ सुबह सात से साढ़े सात के दरमियान तैयार होते हैं, नाश्ता करते हैं और नौ बजे तक स्कूल पहुंच जाते हैं.

कुछ बच्चों ने ग्रेजुएशन पूरी की है.

बजट

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परिवार के लिए खाने-पीने का इंतज़ाम कोई आसान काम नहीं.

बर्तन धोने वाली मशीन दिनभर में तीन बार चलाई जाती है. परिवार कागज़ की प्लेट भी इस्तेमाल करता है.

राशन का बिल हफ़्ते में क़रीब एक हज़ार डॉलर आता है. पॉल का वेतन अच्छा है और जियान घर का बजट संभालती हैं.

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ब्रिग्स परिवार के बच्चों के लिए ज़िंदगी कोई आसान बात नहीं रही है. कई घरेलू हिंसा, शोषण और भूख का सामना कर चुके हैं.

तकलीफ़ भरा बचपन

कुछ बच्चे अब्राहम की तरह अनाथ थे.

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24 साल के जोसेफ़ को यूक्रेन के एक अस्पताल में पैदा होने के बाद छोड़ दिया गया था.

वे बताते हैं, "मेरे होंठ और तालू कटे हुए थे. लोग मेरा मज़ाक उड़ाते थे. मेरे अनाथालय के बच्चे हर साल छुट्टियां मनाने ब्लैक सी जाते थे पर मुझे अस्पताल भेज दिया जाता था."

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