पांचवीं पत्नी की चाहत और बुज़कशी का खेल

अफ़गानी फ़िल्म इमेज कॉपीरइट BBC World Service

एक से अधिक पत्नियां रखने का अफ़ग़ानिस्तान में चलन रहा है.

लेकिन किसी महिला के भाग्य का फ़ैसला अगर किसी खेल में जीतने वाले व्यक्ति से हो, तो महिलाओं की स्थिति के बारे में अंदाज़ा लगाया जा सकता है.

अफ़ग़ानिस्तान की एक फ़िल्म 'अ मैन्स डिज़ायर फ़ॉर फ़िफ़्थ वाइफ़' की कहानी का प्लॉट कुछ ऐसा ही है. इसमें बुज़कशी नाम के खेल से तय होता है कि महिला के साथ शादी कौन करेगा.

बुज़कशी

इमेज कॉपीरइट AFP

अफ़ग़ानिस्तान के हिंसाग्रस्त उत्तरी प्रांत में फ़िल्माई गई इस इस फ़िल्म की हाल ही में काबुल में स्क्रीनिंग हुई.

ऊपरी तौर पर तो यह एक प्रेम कहानी है, लेकिन इसने अफ़ग़ान समाज की असहज कड़वी सच्चाई को सतह पर ला दिया है.

यह एक अमीर ज़मींदार शेर मोहम्मद की कहानी है जिसकी चार पत्नियां हैं, लेकिन उल्कर नाम की एक महिला से उसे इश्क़ हो जाता है.

वह उसे अपनी पांचवीं पत्नी बनाने का फ़ैसला लेता है और यहीं से कहानी एक नया मोड़ लेती है.

इस महिला को दो और लोग चाहते हैं जिनमें से एक धनी विवाहित व्यक्ति है और दूसरा चरवाहा है.

झगड़े से बचने के लिए महिला का पिता कहता है कि बुज़क़शी के खेल में जो जीतेगा उसीसे वह अपनी बेटी का ब्याह करेगा.

इमेज कॉपीरइट BBC World Service

बुज़कशी अफ़ग़ानिस्तान का पारम्परिक खेल है, जिसमें घोड़े पर सवार लोग एक मृत बकरी को ज़मीन से उठाने और उसे मैदान के केंद्र में बने एक गोल घेरे में फेंकने की कोशिश करते हैं.

हालांकि वह महिला चरवाहे से प्यार करती है, लेकिन फ़िल्म के निर्देशक सादिक़ आबेदी कहते हैं, "आम तौर पर अफ़ग़ान महिलाओं को अपनी शादी पर फ़ैसला लेने का अधिकार नहीं होता."

वह कहते हैं, "ये महिलाएं पूरी ज़िंदगी संताप में जीने को मजबूर होती हैं. मैं इसी सच्चाई को दिखाना चाहता था."

समर्थन

इस फ़िल्म को हिंसाग्रस्त फ़रयाब प्रांत में 120 अंतरराष्ट्रीय लोगों के साथ फ़िल्माने का निर्णय, आबेदी के लिए आसान नहीं था.

इमेज कॉपीरइट BBC World Service

उन्हें धमकी भी मिली, लेकिन स्थानीय लोगों, कबायली नेताओं और सेना के समर्थन ने उन्हें हौसला दिया.

अफ़ग़ानिस्तान में हिंसा शुरू होने के पहले अच्छा ख़ासा फ़िल्म उद्योग था. 1965 में राइया बाल्खी ऐसी पहली फ़िल्म थी जिसे बिना विदेशी सहयोग के बनाया गया था.

यह एक महिला कवयित्री की कहानी थी.

क़रीब 50 वर्ष बाद महिला एक बार फिर फ़िल्म के केंद्र में है लेकिन, अब उसका भाग्य एक खेल से तय होना है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार