फ़लस्तीनी इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट पहुँचे

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फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (आईसीसी) में शामिल होने के लिए दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर कर दिए हैं.

आईसीसी का सदस्य बन जाने पर फ़लस्तीनी, आईसीसी में इसराइल के ख़िलाफ़ युद्ध अपराध के मामले दायर करा सकते हैं.

फ़लस्तीनियों ने ये कदम सुरक्षा परिषद के उस प्रस्ताव के रद्द होने के बाद उठाया है जिसमें साल 2017 तक इसराइली कब्ज़े को ख़त्म करने की बात की गई थी.

15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद में आठ सदस्यों ने प्रस्ताव के पक्ष में वोट किया था जबकि अमरीका और ऑस्ट्रेलिया ने इसके ख़िलाफ़ वोट किया.

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दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर करते हुए महमूद अब्बास ने कहा, "फ़लस्तीनी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से निराश हैं."

उन्होंने कहा, "हम शिकायत करना चाहते हैं. हमारे खिलाफ़, हमारी ज़मीन के खिलाफ़ अतिक्रमण हुआ है."

इसराइली प्रतिक्रिया

उधर इसराइली प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और कहा कि इसराइल अपने सैनिकों को बचाने के लिए कदम उठाएगा.

इसराइल आईसीसी का सदस्य नहीं है और वो इसे मान्यता भी नहीं देता.

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एक बयान में नेतन्याहू ने कहा कि फ़लस्तीनी प्रशासन हमास के साथ एक ही सरकार में है जो कि आईएस की तरह ही एक चरमपंथी संगठन है.

अमरीकी विदेश मंत्रालय ने फ़लस्तीनी राष्ट्रपति के कदम को हालत बिगाड़ने वाला कदम बताया है.

शांति वार्ता

बीबीसी संवाददाताओं के अनुसार आईसीसीकी सदस्यता मिलने की कोई गारंटी नहीं है लेकिन फ़लस्तीनी राष्ट्रपति की कोशिश एक महत्वपूर्ण राजनीतिक कदम है.

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Image caption इसराइली प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू

पिछले साल में दोनो पक्षों को भारी जान-माल का नुकसान हुआ.

अप्रैल में शांति वार्ता विफल होने के बाद हुए इसराइली हमलों में 2000 से ज़्यादा फ़लस्तीनी मारे गए हैं.

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