'इस्लामीकरण' विरोध आंदोलन के खिलाफ़ अभियान

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जर्मनी में कई राजनीतिज्ञ और जाने-माने लोग पेगिडा (पेट्रिओटिक यूरोपियन्स अगेंस्ट दि इस्लामिज़ेशन ऑफ़ दि वेस्ट) नाम के एक संगठन के ख़िलाफ़ मीडिया प्रचार में जुटे हैं.

इस संगठन का मानना है कि यूरोप का 'इस्लामीकरण' हो रहा है और इसे लेकर प्रदर्शन किए गए हैं.

पूर्व चांसलर हेलमुट श्मिट और रिटायर्ड फ़ुटबॉलर ऑलिवर बीयरओफ़ जैसे लोगों ने पेगिडा के प्रदर्शनों का विरोध किया है. उन्होंने बिल्ड अखबार में छपी एक याचिका का समर्थन किया.

इस याचिका में लोगों से कहा गया है कि वो "ज़ेनोफ़ोबिया (विदेशियों या अनजाने लोगों से डर) को 'न' कहें और सहनशीलता, विविधता को 'हां' कहें."

जर्मनी में कई जगह आप्रवासन का विरोध करने वाली रैलियां निकाली गईं.

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सोमवार को ड्रेसडेन में क़रीब 18,000 लोगों ने अप्रवासन के ख़िलाफ़ रैली में भाग लिया था.

'पेगिडा के विरोध में'

अक्टूबर से पेगिडा नाम का समूह साप्ताहिक विरोध प्रदर्शन कर रहा है.

लेकिन इसके विरोध में भी प्रदर्शन शुरू हो गए हैं और हज़ारों लोग बर्लिन, कोलोन, ड्रेसडेन और स्टुटगार्ट में रैलियां कर रहे हैं.

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पुलिस का कहना है कि क़रीब 5,000 विरोधी प्रदर्शनकारियों ने सोमवार को पेगिडा समर्थकों को उनके तय मार्ग पर जाने से रोक दिया.

डीपीएस न्यूज़ एजेंसी के अनुसार कुल जमा 22,000 पेगिडा विरोधी प्रदर्शनकारियों ने स्टुटगार्ट, मुएनस्टेर और हैमबर्ग में रैली की.

'राजनीतिक दमन'

कोलोन में अधिकारियों ने शहर के प्रमुख गिरजाघर की लाइटें बंद रखकर एक तरह से पेगिजा समर्थकों को चेतावनी दी कि वह 'अतिवादियों' का समर्थन कर रहे हैं.

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ड्रेसडेन में कार निर्माता फॉक्सवॉगन ने कहा कि वह भी अपने प्लांट को अंधेरे में रखकर जताएगी कि कंपनी "एक खुले, मुक्त और लोकतांत्रिक समाज के पक्ष में खड़ी है."

जर्मन चांसलर एंगेला मर्केल ने नए साल के भाषण में पेगिडा आंदोलन की आलोचना करते हुए कहा था कि इसके नेता "दिल में पूर्वाग्रह, ठंडापन और नफ़रत पाले हैं."

पेगिडा की मुख्य आयोजकों में से एक कैथरीन ओएरटेल ने ड्रेसडेन में एक रैली में इसका जवाब देते हुए कहा कि जर्मनी में एक बार फिर से 'राजनीतिक दमन' शुरू हो गया है.

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उन्होंने कहा, "आप इसे कैसे देखेंगे जब मुख्यधारा के राजनीतिक दल और मीडिया हमारा अपमान करते हैं और हमें खुलेआम नाज़ी कहते हैं क्योंकि हम जर्मनी की आश्रय-ढूंढने वाली नीतियों और अप्रवासन नीति की गैर-मौजूदगी की न्यायोचित आलोचना करते हैं."

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