हूसी नेता: बर्बादी की कगार पर है यमन

यमन के हूती विद्रीही इमेज कॉपीरइट Reuters

यमन के शिया हूसी विद्रोहियों के नेता अब्दुल मालिक अल-हूती का मानना है कि देश की स्थिति नाज़ुक है और यह महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है.

उन्होंने राष्ट्रपति अब्दुर्रब मंसूर हादी पर जनता की उपेक्षा करने और निजी हितों को तरजीह देने का आरोप लगाया.

बीते दिनों इस अफ़्रीकी देश की राजधानी सना में विद्रोहियों ने राष्ट्रपति भवन पर गोलाबारी कर उस पर क़ब्ज़ा कर लिया था. हालांकि राष्ट्रपति उस हमले के बाद भी सुरक्षित बताए जाते हैं.

हूसी विद्रोही नेता:अत्याचारी हैं राष्ट्रपति

इमेज कॉपीरइट Reuters

शिया हूसी नेता ने टेलीविज़न पर अपना भाषण दिया और उसमें राष्ट्रपति की तीखी आलोचना की.

अब्दुल मालिक ने देश के राजनीतिक नेतृत्व पर भ्रष्ट्राचार में डूबे होने और लोगों पर अत्याचार करने का आरोप भी मढ़ा.

उन्होंने कहा कि देश राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा, सभी मामलों में बदतर हुआ है और बर्बादी के कगार पर खड़ा है.

शिया नेता ने सरकार पर चरमपंथी संगठन अल-क़ायदा को मदद करने का आरोप भी लगाया.

फिर टूटा युद्ध विराम

इमेज कॉपीरइट GOOGLE

हूसी विद्रोही शिया इस्लाम की शाखा ज़ैदीवाद को मानते हैं और वे 2004 से अब तक कई बार बग़ावत कर चुके हैं. इनके विरोधियों का कहना है कि हूती विद्रोही इस्लाम की ज़ैदी शाखा के कड़े क़ानून पूरे देश में लागू करना चाहते हैं.

हूसी विद्रोही अपने प्रांत की स्वायत्तता के लिए लड़ रहे हैं. उन्होंने पिछले साल सितंबर में राजधानी सना पर क़ब्ज़ा कर लिया, हालांकि राष्ट्रपति भवन पर नियंत्रण करने में वे नाकाम रहे.

विद्रोहियों और राष्ट्रपति के सुरक्षा बलों के बीच हुई ज़बरदस्त झड़पों के बाद सोमवार को युद्धविराम हुआ, पर मंगलवार को लड़ाई फिर शुरू हो गई.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार