पाकिस्तान में पेट्रोल संकट से हाहाकार !

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पाकिस्तान में पिछले आठ दिनों से पेट्रोल संकट जारी है और देश के कई हिस्सों में उद्योगों और परिवहन पर इसका काफ़ी असर पड़ा है.

पेट्रोल संकट पिछले सप्ताह सबसे पहले पाकिस्तान के पंजाब प्रांत और राष्ट्रीय राजधानी इस्लामाबाद से शुरू हुआ और सोमवार तक ख़ैबर पख़्तूनख्वा प्रांत और कराची भी इसकी चपेट में आ गया.

प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने सोमवार को एक आपातकालीन बैठक बुलाई और पेट्रोलियम सचिव आबिद सईद व पाकिस्तान स्टेट ऑयल के मुखिया अमज़द जंजुआ को बर्खास्त कर दिया.

बैठक में इस ताज़ा संकट के कारणों की जांच के लिए दो सदस्यीय टीम का भी गठन किया गया.

बुधवार को इस जांच टीम ने प्रधानमंत्री को अपनी शुरुआती जांच-पड़ताल की रिपोर्ट दे दी है.

लंबी क़तारें

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रिपोर्ट में कहा गया है कि यह स्थिति नियामक के रूप में ऑयल एंड गैस रेग्युलेटरी अथॉरिटी (ओजीआरए) की गंभीर असफलता के कारण पैदा हुई.

हालांकि सरकार कई अन्य कारण भी गिना रही है जैसे, जनवरी में तेल की बेतहाशा मांग, पाकिस्तान की सबसे बड़ी रिफ़ाइनरी का आंशिक रूप में बंद होना और पेट्रोलियम आयात में देरी.

अख़बारों और टीवी चैनलों में पेट्रोल पम्पों पर ईंधन के लिए कारों और दोपहिया वाहनों की लंबी क़तारों की ख़बरें छाई रहीं.

इस भारी संकट से जहां जनता में व्यापक आक्रोश पैदा हुआ, वहीं मीडिया में सरकार पर इस संकट से निपटने में अक्षम साबित होने का दोष लगाया गया.

उर्दू अख़बार जिन्ना ने मंगलवार को अपने संपादकीय में प्रधानमंत्री को 'सिर्फ बयानों' तक खुद को सीमित न रखने और 'गंभीर व असरदार हल' निकलाने की सलाह दी है.

चारों ओर आलोचना

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उर्दू समाचार चैनल एक्सप्रेस टीवी ने पेट्रोल एवं डीज़ल उपभोक्ताओं के रोजाना उपयोग के ढर्रे का ज़िक्र करते हुए पंजाब प्रांत में पेट्रोल पम्पों पर गाड़ियों की लंबी क़तारों के दृश्यों लाइव प्रसारण किया.

अंग्रेज़ी दैनिक द न्यूज़ ने सत्तारूढ़ पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज़)- पीएमएलएन की तीखी आलोचना की है.

अख़बार ने कहा है कि, "यह सरकार प्रशासन के सबसे महत्वपूर्ण मामलों से निपटने में असफल है. और सबसे बुरी बात यह है कि यह इस अफ़रा तफ़री की ज़िम्मेदारी लेने से भी बच रही है, जो उसने ख़ुद पैदा की है."

एक और अंग्रेज़ी दैनिक डॉन ने इस बात पर ज़ोर दिया है कि सरकार को यह गंभीरता से देखना चाहिए कि ये स्थिति कैसे पैदा हुई.

#PMLNPetrolChor

बुधवार को ईंधन की गंभीर कमी को लेकर सत्तारूढ़ पार्टी की आलोचना करने के लिए #PMLNPetrolChor हैशटैग से लोग टिप्पणी कर रहे हैं और यह बुधवार को ट्विटर पर ट्रेंड कर रहा है.

इस संकट से निपटने के लिए पर्याप्त क़दम न उठाए जाने के लिए लोग इस हैशटैग से पार्टी पर अपना गुस्सा उतार रहे हैं.

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कुछ ट्वीट्स में प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ का नाम भी शामिल किया गया है.

अनुम हाफ़िज़ ने लिखा है, "यदि नवाज़ शरीफ़ में थोड़ा भी आत्मसम्मान बचा है तो उन्हें सबसे पहले इशाक़ दार और ख़ाक़ान को तुरंत बर्ख़ास्त करना चाहिए."

एक और यूज़र वक़ास फ़ैज़ ने गाड़ियों की लंबी क़तारों वाली एक तस्वीर पोस्ट की है और लिखा है, "वाह, मियां साहब वाह, आपने दुनिया को दिखा दिया है कि एक नेता अपने देश को कैसे सिखाता है."

हसन ख़ान ने ट्वीट किया है, "ऐसी भी ख़बरें हैं कि यह संकट पैदा किया गया है ताकि 225 अरब रुपए बिना हिसाब के कमाए जा सकें."

यूज़र उर्वा अली ने टिप्पणी की है, "इस साल का यह पेट्रोल युद्ध है. अगली गर्मी में पानी पर युद्ध होगा."

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