क्या ये ओबामा के भारत दौरे का असर है?

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भारत के गणतंत्र दिवस पर अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के मुख्य अतिथि बनने के बाद, पाकिस्तान ने अपनी सालाना सैन्य परेड में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को मुख्य अतिथि के रूप में बुलाने जा रहा है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, पाकिस्तान में सालाना सैन्य परेड सात साल बाद होने वाली है. पाकिस्तान में इस तरह की परेड अंतिम बार 28 मार्च 2008 में तब हुई थी जब परवेज़ मुशर्रफ़ राष्ट्रपति थे.

बिगड़ती क़ानून व्यवस्था की वजह से इस परेड को बंद कर दिया गया था. इसमें सेना के तीनो अंगों के प्रमुख समेत तमाम अफ़सर भाग लेते हैं और तरह-तरह के सैन्य साजो-सामान का प्रदर्शन किया जाता है.

भारत में इस साल गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूदगी को एशिया प्रशांत क्षेत्र में एक नए गठजोड़ के तौर पर देखा गया है.

मोदी-ओबामा

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अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के भारत दौरे पर चीन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी, क्योंकि वो इसे चीन को रोकने की अमरीकी कोशिश के रूप में देख रहा है.

हालांकि संबंधों को और बेहतर बनाने के लिए भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज चीन गई हुई हैं. सोमवार को उन्होंने चीनी राष्ट्रपति से मुलाकात भी की.

वहीं पाकिस्तान, चीन को अपना 'ऑल वेदर फ्रेंड' यानी हर हाल में साथ देने वाला मित्र मानता है. चीन, पाकिस्तान को आर्थिक, सैन्य, कूटनीतिक और राजनीतिक समर्थन देता आया है.

दूरी बनाने की अमरीकी कोशिशों के मद्देनज़र पाकिस्तान अब चीन की ओर रुख़ कर रहा है ताकि वह भारत को रोक सके.

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