'हमारे पास बम, मिसाइल हैं, बैरल बम नहीं'

सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद का कहना है कि जिहादी समूहों और आईएस के ख़िलाफ़ लड़ रहे अमरीका नीत गठबंधन से उनकी सरकार को सूचनाएं मिल रही हैं.

राजधानी दमिश्क़ में बीबीसी मध्यपूर्व के सम्पादक जेरेमी बॉवेन के साथ एक ख़ास साक्षात्कार में असद ने कहा कि पिछले सितम्बर में जबसे हवाई हमले शुरू हुए हैं तबसे कोई सीधा तालमेल नहीं क़ायम किया गया था.

उनका कहना है कि, लेकिन तीसरे पक्ष के रूप में इराक़ सूचनाएं दे रहा था.

असल में अमरीकी नीत गठबंधन में कई सरकारें असद के साथ तालमेल इनकार कर चुकी हैं. वर्ष 2011 में असद सरकार के ख़िलाफ़ जन उभार के बाद उनसे पद छोड़ देने की ये सरकारें अपील कर चुकी हैं.

लेकिन सीरिया और इराक़ के एक बड़े हिस्से पर आईएस के क़ब्ज़े और ख़लीफ़ा बनाने की घटना ने अधिकारियों को सीरियाई नेता के साथ तालमेल के विकल्प पर सोचने के मजबूर किया है.

आरोपों से इनकार

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बावजूद, असद ने आंतरराष्ट्रीय गठबंधन बलों में शामिल होने की संभावना से इनकार किया है.

असद ने कहा, "इस्लाम चरमपंथियों के बीच पिछले साल से जारी लड़ाई के बाद देश के भागों में जो मानवीय संकट पैदा हुआ है उसकी वो ज़िम्मेदारी नहीं ले सकते हैं."

उन्होंने उन दावों को ख़ारिज किया जिसमें ये कहा जा रहा है कि सरकारी सेना विद्रोहियों के कब्ज़े वाले इलाके में बैरल बमों से हमले कर रही है और जिसकी वज़ह से हज़ारों नागरिकों की मौत हुई है.

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मानवाधिकार संगठनों ये आरोप लगाया है कि रहे हैं कि सरकारी सेना के हेलिकॉप्टरों के पास ही ऐसे बमों को गिराने की सुविधा है.

असद ने खुद पर लगे आरोपों को 'बचकानी कहानी' है. उनका कहना था, 'हमारे पास बम, मिसाइल, और गोलियां है लेकिन बैरल बम नहीं हैं.'

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि उनका इन आरोपों को ख़ारिज करना एक विवादास्पद मुद्दा है क्योंकि बैरल हमलों की वजह से हुई आम नागरिकों की मौत के दस्तावेज़ मौजूद हैं.

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