भारतीय बुज़ुर्ग से मारपीट पर विदेश मंत्रालय चिंतित

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अमरीका में एक भारतीय बुज़ुर्ग के साथ कथित रूप से पुलिस ज़्यादती का मामला में भारतीय विदेश मंत्रालय ने चिंता जाहिर की है.

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने ट्वीट कर बताया है कि विदेश मंत्रालय ने दिल्ली में अमरीकी दूतावास और स्थानीय पुलिस प्रमुख से बात की है.

इस मामले में गहरी चिंता जाहिर करने के साथ ही दूतावास के अधिकारी को सहयोग के लिए तैनात कर दिया गया है.

भारतीय अधिकारी अटलांटा में मौजूद कांसुलेट जनरल मेडिसन के पुलिस प्रमुख के संपर्क में हैं और ज़रूरी सहयोग दे रहे हैं.

गंभीर मामला

पुलिस की पिटाई के बाद बुज़ुर्ग अस्पताल में हैं और लकवे का शिकार हो गए हैं.

दरअसल गुजरात से अलबामा राज्य के हंट्सविल इलाक़े में अपने नवजात पोते की देखरेख के लिए आए सुरेशभाई पटेल जब अपने घर के पास टहल रहे थे तो पुलिस ने उन्हें रोका.

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पुलिस के मुताबिक़ ऐसा उन्होंने इसलिए किया क्योंकि उन्हें किसी पड़ोसी ने फ़ोन किया था कि एक संदिग्ध दिखने वाला व्यक्ति वहां घूम रहा है.

सुरेशभाई पटेल अंग्रेज़ी नहीं बोल पाते.

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने ट्वीट कर बताया है कि विदेश मंत्रालय ने दिल्ली में अमरीकी दूतावास और स्थानीय पुलिस प्रमुख से बात की है.

इस मामले में गहरी चिंता जाहिर करने के साथ ही दूतावास के अधिकारी को सहयोग के लिए तैनात कर दिया गया है.

भारतीय अधिकारी अटलांटा में मौजूद कांसुलेट जनरल मेडिसन के पुलिस प्रमुख के संपर्क में हैं और ज़रूरी सहयोग दे रहे हैं.

पुलिस ने बताया कि जब सुरेशभाई को रोककर तलाशी लेने की कोशिश की गई तो वह अपनी जेब में हाथ डालने लगे जिसके बाद उन्हें ज़मीन पर गिरा दिया गया और वह ज़ख़्मी हो गए.

पुलिस के ख़िलाफ़ केस

सुरेशभाई पटेल के बेटे चिराग पटेल ने स्थानीय मीडिया को बताया कि उनके पिता आंशिक रूप से लकवे का शिकार हो गए हैं और ठीक होने में महीनों लग सकते हैं.

चिराग पटेल के मुताबिक़ वह बेहद साधारण परिवार से हैं और उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि इतने अच्छे इलाक़े में उनके या उनके पिता के साथ ऐसा बर्ताव हो सकता है.

एक स्थानीय वकील ने मीडिया से कहा कि पटेल परिवार पुलिस के ख़िलाफ़ मुक़दमा दायर करने जा रहा है.

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इस बीच पुलिस ने कहा है कि जिस अधिकारी ने यह कार्रवाई की, उन्हें एक तरह से सस्पेंड कर दिया गया है.

हज़ारों डॉलर का झटका

सुरेशभाई के इलाज में हज़ारों डॉलर का खर्च आएगा. स्थानीय भारतीय समुदाय ने इंटरनेट के ज़रिए उनके लिए चंदा जमा करना शुरू कर किया है.

इस केस को पुलिस की ओर से साधारण मामलों में भी अत्यधिक बल प्रयोग की तरह देखा जा रहा है.

कुछ महीने पहले न्यूयॉर्क में एक काले व्यक्ति एरिक गार्नर को पुलिस ने जिस तरह दबोचकर गिराया था और उनकी मौत हो गई थी और उसके ख़िलाफ़ काफ़ी विरोध प्रदर्शन और हंगामा हुआ था.

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