ब्रिटेन: तीन लोग मिलकर पैदा करेंगे बच्चा

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ब्रिटेन दुनिया का पहला ऐसा देश बन गया है, जिसने तीन लोगों को मिलकर बच्चा पैदा करने की क़ानूनी इजाज़त दे दी है.

आईवीएफ़ के इस आधुनिक संस्करण को संसद के निचले सदन हाउस ऑफ़ लार्ड्स ने 232 मतों से पास कर दिया है. हाउस ऑफ़ कॉमंस तीन फ़रवरी को ही इसे बहुमत से पास कर चुका है.

इस तरह पैदा होने वाले बच्चों को ख़तरनाक़ आनुवंशिक रोग से बचाने की प्रक्रिया का फ़ैसला फर्टिलिटी नियामक करेगा.

इस तरह का पहला बच्चा 2016 में पैदा होने की संभावना है.

बुनियादी संरचना

शरीर की बुनियादी संरचना कोशिका का एक छोटा सा हिस्सा है माइटोकॉन्ड्रिया, जो भोजन को ऊर्जा में बदलता है.

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अगर माइटोकॉन्ड्रिया में कोई आनुवांशिक दोष है तो हृदय या दिमाग़ के काम करने के लिए पर्याप्त ऊर्जा नहीं बनेगी.

यह संरचना बच्चे के ख़ुद के डीएनए में उसकी माँ से मिलती है, लेकिन इससे उसके व्यक्तित्व पर असर नहीं पड़ता.

न्यूकैसल में विकसित तकनीक में आईवीएफ़ के आधुनिक संस्करण का उपयोग दानदाता महिला के माइटोकॉन्ड्रिया को माता-पिता के डीएनए से मिलाने में किया जाता है.

इस तरह से पैदा होने वाले बच्चे का 0.1 फ़ीसदी डीएनए दूसरी महिला से आता है और इस तरह होने वाला स्थाई बदलाव पीढ़ियों तक जारी रहता है.

पहला देश

Image caption आईवीएफ़ के इस आधुनिक संस्करण को हाउस ऑफ़ लार्ड्स ने 232 मतों से पास किया.

ह्यूमन फ़र्टिलाइजेशन एंड एंब्रियोलॉजी अथॉरिटी (एचईएफ़ए) की प्रमुख शैली चिशायर कहती हैं, ''इस तरह के इलाज की इजाज़त देने वाला ब्रिटेन दुनिया का पहला देश है. यह पूरे ब्रिटेन में मौजूद वैज्ञानिक विशेषज्ञता और सम्मानित प्राधिकरणों का प्रमाण है, जिसे संसद ने पारित करने लायक पाया.''

इंग्लैंड के कैथोलिक और अंग्रेज़ी चर्च ने इसका विरोध करते हुए कहा है कि यह विचार सुरक्षित और नैतिक नहीं है.

एक अनुमान के मुताबिक़ ब्रिटेन में हर साल इस तकनीक से 150 जोड़े बच्चा पैदा कर सकेंगे.

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