मरीज़ों को मारने वाले नर्स को उम्रक़ैद

जर्मन नर्स को उम्रक़ैद इमेज कॉपीरइट Getty

30 से ज़्यादा मरीज़ों को घातक दवा देकर मारने की बात क़ुबूलने वाले एक पूर्व नर्स को पूर्वी जर्मनी की अदालत ने उम्रक़ैद की सज़ा सुनाई है.

उनकी पहचान 38 साल के नील्स एच के नाम से हुई है, जिन पर दो लोगों की हत्या और हत्या की कोशिश का इल्ज़ाम है.

उन्होंने कोर्ट को बताया कि उन्होंने आवेग में आकर ऐसा किया था और इसके लिए उन्होंने पीड़ितों के परिवारों से माफ़ी भी मांगी थी.

कई साल बाद सज़ा

ये मौतें 2003 और 2005 में जर्मनी की डेलमेनोस्ट क्लीनिक के इंटेंसिव केयर यूनिट यानी आईसीयू में हुई थीं, जहां यह शख्स काम करता था.

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2008 में शुरुआती सुनवाई में उन्हें हत्या की कोशिश का दोषी पाते हुए साढ़े सात साल की सज़ा सुनाई गई थी. पुलिस ने जांच की और उनका जुर्म साफ़ हुआ.

हालांकि उन पर तीन हत्याओं का आरोप था पर ओल्डेनबर्ग की अदालत ने उन्हें केवल दो के लिए ही दोषी माना. उनका कहना था कि अब तक ये साफ़ नहीं हुआ कि पूर्व नर्स इस हत्या के लिए दोषी हैं या नहीं.

मनोवैज्ञानिक ने अदालत में कहा था कि नील्स एच ने 30 मरीज़ों की हत्या की बात क़ुबूल की है जबकि अन्य 60 लोग जिन्हें उन्होंने घातक दवा दी थी, जीवित हैं.

ऐसे अनुमान भी हैं कि इन हत्याओं की संख्या और अधिक हो सकती है.

पुलिस जांच में उन सभी क्लीनिकों के 200 मामले शामिल हैं, जहां उन्होंने काम किया था.

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