आईएस चरमपंथी 'जिहादी जॉन' की पहचान हुई

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इस्लामिक स्टेट की ओर से जारी कई वीडियो में पश्चिमी बंधकों के सिर क़लम करते दिखाए गए मुखौटा पहने चरमपंथी 'जिहादी जॉन' की पहचान हो गई है.

ब्रिटिश सिक्टयोरिटी सर्विस से बीबीसी को मिली जानकारी के अनुसार 'जिहादी जॉन' का असल नाम मोहम्मद एमवाज़ी है. वह कुवैत में पैदा हुए ब्रिटेन के नागरिक हैं और पश्चिमी लंदन में रहते थे.

पहले उन्होंने अभियान के मद्देनज़र उनका नाम सार्वजनिक न करने का फ़ैसला किया था.

वीडियो में

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एमवाज़ी सबसे पहले पिछले साल अगस्त में जारी हुए एक वीडियो में अमरीकी पत्रकार जेम्स फ़ोली की हत्या करते देखे गए थे.

उन्हें बाद में जारी वीडियो में अमरीकी पत्रकार स्टीवन सोटलॉफ़, डेविड हेन्स, ब्रिटेन के ही टैक्सी ड्राइवर एलन हैनिंग और अमरीकी सहायताकर्मी अब्दुल रहमान कासिग का सिर क़लम करते देखा गया था.

माना जाता है कि एमवाज़ी ब्रिटेन के एक पूर्व संदिग्ध हैं.

कथित तौर पर यह भी सामने आया है कि वे 2006 में सोमालिया जाकर चरमपंथी समूह अल-शबाब के लिए सुविधाएं और धन जुटाने वाले नेटवर्क से जुड़े थे.

हर वीडियो में, 'जिहादी जॉन' को एक काले चोगे में देखा गया, जिसमें केवल उनकी आंखें और नाक का ऊपरी हिस्सा नज़र आता है.

बीबीसी न्यूज़ की विशेष संवाददाता लूसी मैनिंग का कहना है कि एमवाज़ी को क़रीब 27 साल की उम्र का माना जाता है.

एमवाज़ी के दोस्तों ने वॉशिंगटन पोस्ट को बताया है कि वह पश्चिमी लंदन के मध्यमवर्ग के परिवार में पले बढ़े थे और उन्होंने वेस्टमिंस्टर यूनिवर्सिटी में कंप्यूटर प्रोग्रामिंग की पढ़ाई की थी

बीबीसी संवाददाता के मुताबिक़ माना जाता है कि ब्रितानी और अमरीकी सुरक्षा एजेंसियों को उनके सीरिया जाने से पहले इसकी जानकारी थी.

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