नेतन्याहू की यात्रा पर अमरीका दोफाड़

इमेज कॉपीरइट Reuters

इसराइल के प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू आज अपने एक विवादित कार्यक्रम के साथ अमरीका पहुँच रहे हैं.

अपनी यात्रा के दौरान नेतन्याहू मंगलवार को अमरीकी कांग्रेस में भाषण देंगे.

इसराइल में दो हफ़्ते बाद चुनाव होने वाले हैं. ऐसा माना जा रहा है कि इन चुनावों में नेतन्याहू की लिकुड पार्टी दबाव में है.

क्या है विवाद?

इमेज कॉपीरइट BBC World Service

कांग्रेस स्पीकर जॉन बोनर के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री नेतन्याहू सदन में भाषण देने आ रहे हैं. अमरीका में रिपब्लिकन पार्टी के बहुमत वाली संसद राष्ट्रपति ओबामा की ईरान नीति के ख़िलाफ़ है.

इसराइल के प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू की यात्रा के दौरान राष्ट्रपति बराक ओबामा उनसे मुलाकात नहीं करेंगे. उनके इस दौरे पर व्हाइट हाउस अपनी कड़ी नाराज़गी पहले ही ज़ाहिर कर चुका है.

नेतन्याहू ईरान और अमरीका के बीच किसी भी किस्म के परमाणु करार के ख़िलाफ़ हैं.

प्रधानमंत्री नेतन्याहू अमरीका और ईरान के बीच ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत का विरोध करते आए हैं.

इसराइल का मानना है कि ईरान और अमरीका के बीच किसी भी समझौते का असर इसराइल की सुरक्षा पर पड़ेगा.

नेतन्याहू का कहना है कि संभावित समझौता ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से नहीं रोक पाएगा.

अमरीका के लिए अपनी यात्रा शुरू करने के पहले नेतन्याहू ने पत्रकारों से कहा " मैं पूरे इसराइल की सुरक्षा को लेकर चिंतित हूँ और इसे सुनिश्चित करने के लिए जो भी मुझसे बन पड़ेगा करूंगा .''

ओबामा प्रशासन नाराज़

इमेज कॉपीरइट Reuters

इधर दूसरी तरफ़ अमरीका के विदेश मंत्री जॉन कैरी ने कहा ''इसराइल से इस इस वक़्त हमारे सुरक्षा ताल्लुकात पहले के किसी भी वक़्त के मुकाबले में सबसे ज़्यादा गहरे हैं. लेकिन इस यात्रा के पूरे मामले को हम किसी बड़े राजनीतिक फ़ुटबॉल मैच में तब्दील होते नहीं देख सकते.''

कैरी ने कहा कि तमाम मतभेदों के बावजूद एक बात पर अमरीका और इसराइल एक हैं कि ईरान को परमाणु हथियार नहीं मिलने चाहिए.

डेमोक्रेट सांसदों का आफ़त

इमेज कॉपीरइट AP

बीबीसी की वाशिंगटन संवाददाता बारबरा प्लेट का कहना है कि तनाव इतना बढ़ गया है कि राष्ट्रपति ओबामा की डेमोक्रेटिक पार्टी के कई सांसद जो कि इसराइल को नाराज़ करना नहीं चाहते उन्हें भी इसराइल और और ओबामा में से किसी एक का चुनाव करने पर मजबूर होना पड़ गया है.

उपराष्ट्रपति जो बिडेन पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि वो इस भाषण में मौजूद नहीं रहेंगे.

इस बीच ईरान में राष्ट्रपति प्रवक्ता हामिद अब्दुल्तालेब ने कहा है कि इस भाषण से इसराइल बीच दूरियां बढ़ेंगी जो की ईरान के लिए फ़ायदेमंद हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)