एक सुप्रीम लीडर की फ़िल्मों की दीवानगी

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आम लोगों की फ़िल्मों की दीवानगी के आपने कई क़िस्से सुने होंगे लेकिन आज हम आपको एक राष्ट्र प्रमुख और उनकी फ़िल्मों की दीवानगी का अनोखा क़िस्सा बताएँगे.

उत्तर कोरिया के वर्तमान सुप्रीम लीडर किम जोंग-उन कुछ दिनों पहले तब चर्चा में आए जब उनकी हत्या की काल्पनिक साजिश पर आधारित हॉलीवुड फ़िल्म 'द इंटरव्यू' पर उन्होंने प्रतिबंध लगाने की माँग की. लेकिन वो फ़िल्म की रिलीज़ रुकवाने में विफल रहे.

लेकिन कम ही लोगों को पता होगा कि किम जोंग-उन के पिता और उनसे पहले लम्बे समय तक उत्तर कोरिया के सुप्रीम लीडर रहे किम जोंग-इल हॉलीवुड की फ़िल्मों के बड़े दीवाने थे.

फ़िल्मों के लिए कराया अपहरण

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जोंग-इल की फ़िल्मों की दीवानगी का ये आलम था कि उन्होंने अपने देश में बढ़िया फ़िल्में बनवाने के लिए एक मशहूर फ़िल्म निर्देशक और एक अभिनेत्री को अग़वा कर लिया और और उनसे जबरदस्ती फ़िल्में भी बनवाईं.

जोंग-इल ने अपने शासन के दौरान पश्चिमी देशों में तैनात उत्तर कोरिया के राजनयिकों को निर्देश दे रखा था वो उनके लिए हॉलीवुड फ़िल्मों की कॉपी सुरक्षित रखा करें.

उत्तर कोरिया में अच्छी फ़िल्में बनवाने के लिए जोंग-इल ने दक्षिण कोरिया के मशहूर फ़िल्म निर्देशक शिन सांग-ओक और उनकी पत्नी चोई उन-ही को हॉन्गकॉन्ग से अग़वा करवा लिया था.

उत्तर कोरिया के चंगुल से छुटने से पहले सांग-ओक और उन-ही ने उत्तर कोरिया के लिए आठ सालों तक फ़िल्में बनाई.

विश्व स्तर की फ़िल्में

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जोंग-इल चाहते थे कि उत्तर कोरिया की फ़िल्में अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म महोत्सवों में पुरस्कार जीतें और दुनिया में सम्मान अर्जित करें.

अभिनेत्री चोई उन-ही को साल 1977 में हॉन्गकॉन्ग से उस वक़्त अग़वा किया गया जब वो उनका करियर बुरे दौर से गुजर रहा था.

एक नई किताब के मुताबिक़ उन-ही को बेहोश करके अग़वा किया गया. आठ दिनों बाद जब उनकी आँख खुली तो उन्होंने अपने आप को उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग स्थित एक क़िलेनुमा घर में पाया.

निर्देशक शिन सांग-ओक चोई उन-ही के पूर्व पति थे. उन दोनों का तलाक हो चुका था लेकिन फिर भी वो एक दूसरे के क़रीबी थे.

चार साल बाद पड़े नरम

चोई उन-ही के अपहरण के बाद सांग-ओक जब चोई की तलाश में हॉन्गकॉन्ग आए तब उनका भी अपहरण कर लिया गया.

शुरुआती चार सालों तक दोनों ने उत्तर कोरिया सरकार का साथ नहीं दिया लेकिन उसके बाद वो नरम पड़ गए.

आख़िरकार दोनों ने मिलकर उत्तर कोरिया के लिए कई फ़िल्में बनाई जिनमें सबसे मशहूर फ़िल्म 'पुलगासरी' है.

इस फ़िल्म में एक शैतान को सामंती जमींदार के ख़िलाफ़ किसानों का साथ देते दिखाया गया है.

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