नेम्तसोव की हत्या: इन पर है शक की सुई

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Image caption मॉस्को में क्रेमलिन के पास एक पुल पर जाते हुए नेम्तसोव की हत्या हुई

रूसी में विपक्षी नेता बोरिस नेम्तसोव की हत्या के सिलसिले में अभी तक किसी को गिरफ़्तार नहीं किया गया है और न ही किसी ने इसकी ज़िम्मेदारी ली है.

ऐसे में, इस हत्या की वजह को लेकर कई तरह की बातों को हवा मिल रही है.

क्या उन्हें राष्ट्रपति व्लादमीर पुतिन की नीतियों का विरोधी और यूक्रेन में जारी युद्ध में रूस की कथित भूमिका का आलोचक होने की वजह से मारा गया? या फिर इस हत्या के पीछे कोई रंजिश थी? या फिर कुछ और?

एक नज़र उन लोगों और संभावित वजहों पर जिनके इर्द-गिर्द इस हत्या का संदेह घूम रहा है.

व्लादिमीर पुतिन

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Image caption नेम्तसोव (बाएं) और पुतिन की ये तस्वीर जुलाई 2000 की है और दोनों के बीच शुरू में अच्छे रिश्ते थे

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को लेकर इस मामले में लगातार सवाल उठ रहे हैं.

नेम्तसोव एक जानी-मानी हस्ती थे, मीडिया से सहज थे, वरिष्ठ विपक्षी नेता थे और मॉस्को में अपनी हत्या के दो दिन बाद ही वो एक बड़ी युद्ध विरोधी रैली का आयोजन करने वाले थे, जिसे उनकी हत्या के बाद टाल दिया गया.

अपनी हत्या से कुछ ही घंटों पहले उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "अगर आप यूक्रेन के साथ रूस के युद्ध को बंद करने का समर्थन करते हैं, अगर आप पुतिन के आक्रमण को बंद करने का समर्थन करते हैं तो एक मार्च को मारयिनो (मॉस्को का बाहरी इलाका) में पहुंचे."

लेकिन पुतिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने बीबीसी से कहा, "ये विचार ही अतार्किक और अस्वीकार्य है कि पुतिन ने इस हत्या का आदेश दिया होगा."

अगर आप मान भी लें कि नेम्तसोव की हत्या क्रेमलिन ने कराई तो सवाल उठता है कि नेम्तसोव ही क्यों, उनसे युवा और अधिक ख़तरनाक समझे जाने वाले एलेक्सी नावलनी क्यों नहीं.

रूसी सुरक्षा प्रतिष्ठान में अतिवादी तत्व

क्या नेम्तसोव की हत्या के पीछे रूसी सुरक्षा प्रतिष्ठान के रूसी अतिवादी तत्व ज़िम्मेदार हैं, क्योंकि कुछ लोग शांतिवादी नेम्तसोव को ग़द्दार तक कहते थे.

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Image caption पूर्वी यूक्रेन में जारी संकट में कई रूसियों की मौत के कारण वहां 'शांतिवादी' कुछ लोगों के लिए एक शर्मनाक शब्द बन गया है

क्या ये इन तत्वों की तरफ़ से पुतिन को चेतावनी है कि यूक्रेन संकट से क़दम पीछे बढ़ाने की ज़रूरत नहीं है.

ख़ासकर तब, जब रूसी राष्ट्रपति पुतिन के सहयोग से पिछले महीने होने वाले संघर्षविराम का अब संकटग्रस्त क्षेत्र में असर दिखने लगा है.

पुतिन के राज में सुरक्षा प्रतिष्ठान को बहुत ताक़त मिली है. सवाल उठ रहे हैं कि क्रेमलिन के पास जिस पुल पर नेम्तसोव की हत्या हुई, वहां बहुत सारे कैमरे लगे हैं, लेकिन हत्या की फुटेज कहीं से बरामद नहीं हुई है.

विदेशी हाथ

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Image caption पूर्वी यूक्रेन लगभग एक साल से युद्ध चल रहा है

नेम्तसोव की हत्या की निंदा करते हुए पुतिन ने कहा कि इसके लिए ज़िम्मेदार लोगों को क़ानून के कठघरे तक लाया जाएगा.

उन्होंने कहा कि ये पूरी तरह 'भाड़े के क़ातिलों का काम' लगता है और ये काम पूरी तरह एक 'भड़काऊ कार्रवाई' है.

इस तरह पुतिन ने इसे एक योजनाबद्ध हत्या बताया जो सड़क पर होने वाली छिटपुट गोलीबारी से अलग है.

क्रेमलिन 'भड़काऊ' शब्द का इस्तेमाल रूसी राष्ट्र को अस्थिर करने वाली गतिविधियों के लिए करता है.

हालांकि कोई ठोस सबूत न होने की स्थिति में बहुत कम ही लोग इस बात पर विश्वास करेंगे कि अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए ने रूस में पुतिन के शासन के ख़िलाफ़ हिंसक विरोध को भड़काने के लिए नेम्तसोव की हत्या कराई है.

एक रूसी अख़बार में नेम्तसोव की हत्या के पीछे यूक्रेन की ख़ुफ़िया एजेंसी का हाथ बताया गया है. इरादा यहां भी रूस को अस्थिर करना बताया गया है.

अति राष्ट्रवादी या इस्लामी चरमपंथी

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रूस में कई लोग उदारवादी नीतियों और युद्ध का विरोध करने के लिए नेम्तसोव से नफ़रत करते थे.

रूस की जांच समिति के प्रवक्ता व्लादिमीर मार्किन का कहना है, "ये कोई छिपी बात नहीं है कि यूक्रेन संकट के आलोचकों और समर्थकों, दोनों ही जगह कुछ बहुत कट्टरवादी लोग हैं, जो किसी की नहीं मानते."

एक व्यक्ति ने ट्वीट कर कहा, "तो नेम्तसोव कौन है? इतना हंगामा क्यों जबकि दूसरी तरफ दोनेत्स्क (पूर्वी यूक्रेन) में रोज़ाना बच्चे और बुज़ुर्ग मर रहे हैं. उन्हें कौन याद कर रहा है?"

नेम्तसोव की हत्या के बाद रूसी भाषा के सोशल मीडिया पर एक सामान्य कट्टरपंथी प्रतिक्रिया ख़ूब देखने को मिली, 'एक कुत्ते को कुत्ते की मौत मिली.'

जांच समिति इस हत्या के पीछे और वजह से भी इनकार नहीं करती और वो है इस्लामी चरमपंथियों का हाथ होना.

नेम्तसोव ने पेरिस में शार्ली एब्दो के दफ़्तर पर हुए हमले की निंदा की थी.

मोहब्बत

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Image caption दूरीत्सक्या हत्या के समय नेम्तसोव के साथ ही थीं

नेम्तसोव की निजी ज़िंदगी को लेकर भी चर्चा गर्म है. उनके कई प्रशंसक भी उन्हें 'रंगीन मिजाज' की उपाधि देते थे.

जब उन्हें गोली मारी गई तो उनके साथ उनकी गर्लफ्रेंड एना दुरीत्सक्या थीं.

यूक्रेन की दुरीत्सक्या 55 वर्षीय नेम्तसोव की आधी उम्र की हैं और पेशे से मॉडल हैं. उन्हें हमले के दौरान किसी तरह की चोट नहीं आई.

हालांकि वो हत्या के बारे में भी ज़्यादा कुछ नहीं बता पाई हैं. दुरीत्सक्या ने रूसी मीडिया को बताया कि वो हमलावर को नहीं देख पाईं, जिसने पीछे से हमला किया था.

उनके मुताबिक़, जो उन्होंने देखा, वो बस एक हल्के रंग की कार थी जो जल्द ही अंधेरे में गुम हो गई.

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