बलात्कार वाली टिप्पणी पर जर्मन प्रोफ़ेसर की माफ़ी

जर्मन दूतावास ने इंटर्नशिप के मामले में हस्तक्षेप किया इमेज कॉपीरइट GERMAN EMBASSY

जर्मनी की एक प्रोफ़ेसर ने ‘बलात्कार की समस्या’ की वजह से एक भारतीय छात्र के इंटर्नशिप के आवेदन को ख़ारिज करने पर माफ़ी मांगी है.

दिल्ली में जर्मन दूतावास की वेबसाइट के अनुसार प्रोफेसर एनेटे बेक-सिकिंगर ने कहा, "मुझसे ग़लती हुई है. जिस किसी की भी भावनाएं आहत हुई हैं, मैं उनसे माफ़ी मांगती हूं."

लाइपज़िश विश्वविद्यालय के इंस्टीच्यूट ऑफ़ बायोकेमिस्ट्री की प्रोफ़ेसर एनेट जी बेक-सिकिंगर के एक ई-मेल से ये पूरा विवाद शुरू हुआ.

एक भारतीय छात्र के इंटर्नशिप के आवेदन के जवाब में लिखे गए ई-मेल में कहा गया था, “दुर्भाग्यपूर्ण से, मैं किसी भारतीय पुरुष छात्र को इंटर्नशिप नहीं देती हूं. हम लोगों ने भारत में बलात्कार की समस्या के बारे में काफ़ी सुना है, जिसका समर्थन मैं नहीं कर सकती. मेरे समूह में मेरी कई महिला छात्र हैं. लिहाज़ा, मैं इस नज़रिए का समर्थन नहीं कर सकती.”

जर्मन दूतावास की वेबसाइट के अनुसार राजदूत माइकल श्टाइनर ने प्रोफेसर एनेटे बेक-सिकिंगर को पत्र भेजकर भारतीय पुरूष छात्रों के लिए खिलाफ़ की गई उनकी टिप्पणी की कड़ी आलोचना की.

इसके बाद प्रोफेसर बेक-सिकिंगर ने इस मामले पर माफ़ी मांगी है.

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