इसराइल: नेतन्याहू की जीत से अमरीका परेशान

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इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू इधर आम चुनाव में सबसे ज़्यादा सीटें जीतकर चौथी बार सरकार बनाने की कोशिश कर रहे हैं हैं वहीं अमरीका ने चुनाव जीतने के लिए अपनाए गए तरीकों की आलोचना की है.

अमरीकी राष्ट्रपति कार्यालय के मुताबिक ‘हम इसराइली चुनाव में उस ‘विभाजनकारी वक्तव्य’ को लेकर चिंतित हैं जिसके कारण बिन्यामिन नेतन्याहू की पार्टी ने आश्चर्यजनक तरीके से एक बार फिर जीत हासिल कर ली है.

चुनाव प्रचार के दौरान नेतन्याहू ने कहा था कि यदि वो दोबारा चुनकर सत्ता में आए तो वो अलग फ़लस्तीनी राष्ट्र के निर्माण की मंजूरी नहीं देंगे.

प्रवक्ता के मुताबिक अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अभी तक नेतन्याहू को बधाई नहीं दी है लेकिन आऩे वाले दिनों में वो बधाई देंगे.

दो राष्ट्र फॉर्मूला

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Image caption चुनाव पूर्व सर्वेक्षण ग़लत साबित हो गए.

अमरीका, संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय संघ ने उनसे अपील की है कि वो मामले को निबनटाने के लिए दो-राष्ट्र के फॉर्मूले के साथ आगे आए.

उधर नेतन्याहू की पार्टी का कहना है कि अगले दो-तीन हफ्ते में वो सरकार बना लेंगे.

व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जोश अर्नेस्ट का कहना था, ''अमरीका की पिछले क़रीब बीस साल की रीति रही है कि इसराइल और फ़लस्तीन के बीच चल रहे विवाद को निपटाने के लिए दो राष्ट्र का फॉर्मूला ही सबसे कारगर रहेगा.''

फ़लस्तीन के बारे में की गई नेतन्याहू की टिप्पणी पर उनका कहना था कि इस टिप्पणी के बाद अमरीका अपने दृष्टिकोण का मूल्यांकन करेगा.

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