ख़ौफ़ के साए में चलता सिडनी कैफ़े

सिडनी कैफे

सिडनी की मशहूर जॉर्ज स्ट्रीट से एक रास्ता हार्बर ब्रिज को जाता है और दूसरा ऑपेरा हाउस को.

लेकिन इन दिनों सैलानी जॉर्ज स्ट्रीट से जुड़े हुए मार्टिन प्लेस इलाक़े से होकर आगे जाते हैं.

मार्टिन प्लेस के बीचोंबीच है लिंट कैफ़े जहाँ दिसंबर, 2014 में एक बंदूकधारी ने कई लोग बंधक बना लिए थे.

इस घटना में हमलावर समेत तीन लोग मारे गए थे और कई ज़ख़्मी हुए थे.

क़रीब तीन महीने तक बंद रहने के बाद 20 मार्च को लिंट कैफ़े को दोबारा ग्राहकों के लिए खोल दिया गया है.

जब से कैफ़े खुला है ग्राहकों का तांता सा लगा हुआ है और एक कतार में शामिल होकर ही आप भीतर पहुँच सकते हैं.

आज़ादी ख़त्म

यहाँ की चॉकलेट, ब्रेड और कॉफ़ी पूरे सिडनी में वर्षों से मशहूर रही है.

लेकिन बंधक कांड के बाद से इस जगह की आज़ादी जैसे ख़त्म हो गई है.

हादसे में कैफ़े के मैनेजर टोरी जॉनसन और एक महिला ग्राहक की भी मौत हुई थी उसका ख़ौफ़ आज भी यहां के कर्मचारियों के चेहरे पर दिखता है.

अब कैफ़े के बाहर सुरक्षाकर्मी तैनात किए जा चुके हैं.

मेरी लाख विनती करने के बावजूद भी मुझे अपने फ़ोन तक से एक छोटा वीडियो बनाने की इजाज़त नहीं दी गई.

भयावह याद

उन्होंने कहा, "कैफ़े में आप किसी भी कर्मचारी से बात नहीं कर सकते और न ही अंदर अपना मोबाइल फ़ोन निकालिएगा".

जो ग्राहक अंदर पहुँचते हैं वे खाने-पीने से ज़्यादा आसपास देख रहे होते हैं और घटना की भयावह याद उनके चेहरों पर झलकती है.

सिडनी और ऑस्ट्रेलिया के निवासियों के लिए ये बंधक कांड एक ऐसा झटका था जिसकी यहाँ पर किसी ने कल्पना तक नहीं की थी.

यही वजह है कि ऑस्ट्रेलिया में किसी भी स्थानीय से हादसे पर बात कर लीजिए, उसके चेहरे पर ख़ौफ़ तैर जाता है.

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