जल्द ख़त्म हो सऊदी के हवाई हमले

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यमन के विदेशमंत्री का कहना है कि हूती विद्रोहियों के ख़िलाफ़ सऊदी अरब के नेतृत्व में किए जा रहे हवाई हमले जल्द से जल्द ख़त्म होने चाहिए.

बीबीसी से बात करते हुए विदेश मंत्री रियाद यासीन ने कहा कि हूती विद्रोहियों को कमज़ोर करने के लिए संक्षिप्त और तेज़ हवाई हमले ज़रूरी थे.

हूती विद्रोहियों ने यमन में तेज़ी से बढ़त हासिल की है और राष्ट्रपति अब्दरब्बुह मंसूर हादी को देश छोड़कर भागना पड़ा है.

विदेश मंत्री रियाद यासीन ने बीबीसी से कहा, "हम हमेशा ज़ोर देकर कहते रहे हैं कि वार्ता ज़रूरी है और हमारा मत अभी भी यही है. लेकिन वार्ता का आधार वैध राज्य और राष्ट्रपति होने चाहिए न की तख़्तापलट और मिलिशिया चाहिए जो राज्य की तमाम क्षमताओं पर क़ब्ज़ा कर देश पर ईरान के क़ब्ज़े को आसान बनाने के लिए ज़रूरी हर चीज़ कर रहे हैं."

रियाद यासीन मिस्र में शुरू होने वाले अरब लीग सम्मेलन से पहले बोल रहे थे.

समर्पण नहीं

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Image caption सऊदी अरब तीन दिनों से हूतियों के ठिकानों पर हमले कर रहा है.

दूसरी ओर बीती रात भी हूतियों के ठिकानों पर सऊदी हवाई हमले जारी रहे.

विद्रोही लड़ाकों के नेता अब्दुल मलिक अल हूती का कहना है कि वे इस अवैध आक्रमण के आगे समर्पण नहीं करेंगे.

वहीं क्षेत्रीय ताक़तवर शिया देश ईरान ने भी अमरीका के समर्थन से किए जा रहे इन हवाई हमलों की आलोचना की है.

तीन दिनों से जारी सऊदी अरब के हमलों के बावजूदी शिया लड़ाके दक्षिण में इकट्ठा हो रहे हैं और अदन शहर की घेराबंदी करक रहे हैं. रिपोर्टों के मुताबिक दक्षिणी यमन के कई शहरों में हूतियों और राष्ट्रपति समर्थकों के बीच झड़पें हो रही हैं.

हूतियों के अदन की ओर आगे बढ़ने के मद्देनज़र हूती विद्रोही गठबंधन जिसमें खाड़ी के देश और मिस्र शामिल हैं का कहना है कि वे इलाक़े में अपने जंगी बेड़े तैनात कर रहे हैं ताक़ि अदन से स्वेज़ नहर के बीच के जलमार्ग को सुरक्षा दी जा सके.

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